मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर गठित कैबिनेट सब-कमेटी की फाइल भी तलब की और अधिकारियों से अब तक हुई कार्रवाई तथा संभावित विकल्पों की जानकारी मांगी। बैठक में इस बात पर मंथन किया गया कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की नियुक्ति किस मॉडल के तहत की जाए, ताकि इन स्कूलों में पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके। सरकार का प्रयास है कि नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द अंतिम रूप देकर स्टाफ की कमी दूर की जाए।
जानकारी के अनुसार विभिन्न प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कई विकल्पों पर विचार किया गया है। सरकार चाहती है कि नियुक्ति व्यवस्था ऐसी हो, जिससे स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों और सीबीएसई मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री स्तर पर समीक्षा के बाद अब इस मुद्दे को 20 जुलाई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जा सकता है। नियुक्तियों से संबंधित अंतिम निर्णय राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए जाने की संभावना है।