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हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- दो लाख परिवारों को गांधी जयंती से मिलेंगे 1500-1500 रुपये, 300 यूनिट मुफ्त बिजली

Mon, 24 Aug 2026 09:22 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 राज्य सरकार 2 अक्तूबर को गांधी जयंती पर अपना परिवार, सुखी परिवार योजना लांच करेगी। दिल्ली दौरे से लौटे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू  ने विधानसभा सदन में यह घोषणा नियम 130 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं पर हुई चर्चा के दौरान की।
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विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार 2 अक्तूबर को गांधी जयंती पर अपना परिवार, सुखी परिवार योजना लांच करेगी। इस योजना के तहत दो लाख पात्र परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। सोमवार शाम को दिल्ली दौरे से लौटे मुख्यमंत्री ने विधानसभा सदन में यह घोषणा नियम 130 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं पर हुई चर्चा के दौरान की।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य विभाग में 300 डॉक्टरों के पद भरेगी। इसके अलावा दिसंबर से मार्च के बीच प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में नर्सों के सभी रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है।

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 मेडिकल काॅलेजों में मशीनरियां और उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। आईजीएमसी, चमियाना और टांडा मेडिकल कॉलेज बेस्ट काॅलेजों में गिने जाएंगे। उधर, विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 300 यूनिट निशुल्क बिजली देने और इंदिरा गांधी प्यारी बहना योजना के तहत 1500-1500 रुपये देने की चुनावी गारंटी को एक साथ गांधी जयंती से शुरू किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से इस संबंध में पात्र परिवारों का चयन कर लिया गया है। इन दोनों योजनाओं को अब अपना परिवार सुखी परिवार योजना के तहत शामिल कर एक साथ पूरे प्रदेश में शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के लौटते ही राष्ट्रगान-राष्ट्रीय गीत पर फिर हंगामा, कार्यवाही स्थगित
मुख्यमंत्री के सोमवार शाम को सदन में पहुंचने पर राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत को लेकर फिर हंगामा हुआ। विपक्ष ने इस मामले से संबंधित सदन की फुटेज जारी करने की मांग उठाई। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि फुटेज सार्वजनिक होने से पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष के शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। बढ़ते हंगामे के कारण अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

सदन के पटल पर रखीं आठ विधेयकों की प्रतियां
विधानसभा सचिव ने आठ विधेयकों की एक-एक प्रति सभा पटल पर रखी। इन्हें सदन की ओर से पारित किए जाने के बाद राष्ट्रपति और राज्यपाल की स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक 2026, हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक 2026, हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा संशोधन विधेयक 2024, हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर संशोधन विधेयक 2026, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज संशोधन विधेयक 2026, शिमला की सड़कों का उपयोग करने वालों तथा पैदल चलने वालों के लिए लोक सुरक्षा और सुविधा संशोधन विधेयक 2026, हिमाचल प्रदेश लिफ्ट संशोधन विधेयक 2026 और हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग विधेयक 2026 सदन के पटल पर रखे। 

तीन साल में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ 32 शिकायतें दर्ज
 प्रदेश पुलिस विभाग में पिछले तीन वर्षों (1 अगस्त 2026 तक) के दौरान कनिष्ठ कर्मचारियों और अधिकारियों की ओर से अपने वरिष्ठ अफसरों के विरुद्ध कुल 32 शिकायतें दर्ज करवाई गई हैं। विधानसभा में भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने यह आधिकारिक आंकड़ा पेश किया। रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 21 शिकायतें शिमला जिले से संबंधित हैं। इसके अलावा मंडी से 4, चंबा, सिरमौर और कांगड़ा से 2-2 तथा पुलिस जिला बद्दी से एक शिकायत सामने आई है। इन शिकायतों में मुख्य रूप से उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, अधिकार व शक्तियों का दुरुपयोग, अनुचित हस्तक्षेप तथा महिला कर्मचारियों की ओर से लैंगिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक कुल 32 शिकायतों में से 11 मामलों की जांच पूरी कर उनका निवारण किया जा चुका है (जिनमें 3 गुमनाम शिकायतें भी शामिल हैं)। वहीं, 21 मामलों की जांच अभी लंबित चल रही है। सरकार ने स्पष्ट किया कि अब तक जिन शिकायतों का निवारण हुआ है, उनमें प्रथम दृष्टया कोई ऐसा तथ्य सामने नहीं आया। इसके आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई अपेक्षित हो। साथ ही विभाग में अलग से कोई स्वतंत्र शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन नहीं है।
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विधानसभा में उठा पुलिस एप और करुणामूलक नौकरियों का मामला
वहीं शून्यकाल के दौरान पुलिस विभाग की अटेंडेंस एप और करुणामूलक आधार पर नौकरियों का मुद्दा गूंजा। नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बाबा ने कहा कि फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को एप के इस्तेमाल में व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस कर्मियों को क्रॉस बॉर्डर क्षेत्रों में भी जाना पड़ता है। विधानसभा अध्यक्ष ने इस संबंध में पुलिस विभाग को यह मामला भेजने का आश्वासन दिया। वहीं, नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली ने करुणामूलक आधार पर रोजगार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आय सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये करने से पात्र लोगों की संख्या करीब 400 से बढ़कर 1,200 हो गई है। क्लास-3 में जेओए के करीब 150 लोगों को नियुक्ति मिल चुकी है, लेकिन क्लास-4 की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने इसे जल्द शुरू करने की मांग की। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार इस पर मंथन कर रही है और निर्णय होने पर सदन को जानकारी दी जाएगी।
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