हिमाचल प्रदेश को मार्च 2026 तक देश का प्रथम हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्प मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बुधवार को नालागढ़ में प्रदेश के पहले हरित हाइड्रोजन प्लांट का शिलान्यास करेंगे। यह प्लांट नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के दभोटा में बनेगा। इसकी क्षमता एक मेगावाट की होगी। लगभग 9.04 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित किए जाने वाले इस ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट में प्रतिदिन 423 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की क्षमता होगी। इस परियोजना का निर्माण कार्य 18 माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री मार्च 2026 तक हिमाचल को देश का प्रथम हरित ऊर्जा राज्य बनने की दिशा में अग्रसर हैं। प्रदेश सरकार नवाचार एवं अन्य निर्णायक समाधानों के माध्यम से राज्य में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कार्य कर रही है। नालागढ़ के पेखुबेला में प्रदेश के सबसे बड़ी 32 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना क्रियाशील है। प्रदेश को पूर्ण रूप से हरित राज्य बनाने के लिए विभिन्न परियोजनाएं निर्मित की जा रही हैं। ऊना, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, मंडी और शिमला में कुल 501 मेगावाट क्षमता के 5 सौर पार्क और 212 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए कार्य किया जाएगा।