मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्रों में रोबोटिक सर्जरी एक क्रांतिकारी फैसला है। दो माह के दौरान चमियाना में 78 और टांडा में 38 ऑपरेशन हुए हैं। मेडिकल कॉलेजों के डाॅक्टरों को रोबोटिक सर्जरी के लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया गया है। टांडा में 50 फीसदी डाॅक्टर प्रशिक्षित कर दिए गए हैं। आने वाले समय में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके बाद मरीजों को एम्स जैसे संस्थानों में नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती के लिए 3000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के लिए हिमाचल में पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर ही शुल्क लिया जा रहा है। आने वाले समय में शुल्क कम करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरी भी रोबाेटिक सर्जरी हो चुकी है। उधर, विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड धारकों को रोबोटिक सर्जरी का लाभ नहीं मिल रहा है। लोगों की जेब पर बहुत अधिक भार डाल दिया गया है। विधायक जनकराज ने कार्ड धारकों को यह सुविधा निशुल्क देने की मांग उठाई। विधायक बिक्रम सिंह ने डाॅक्टरों के प्रशिक्षण पर सवाल उठाए।