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Himachal News: 100 सीबीएसई स्कूलों में 2028 में ली जाएगी दसवीं-बारहवीं की बोर्ड परीक्षा, जानें विस्तार से

Wed, 31 Dec 2025 11:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश में पहले शैक्षणिक सत्र 2026-27 में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ही लेगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि अगले साल नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी ही सीबीएसई बोर्ड परीक्षा देने के पात्र होंगे। पढ़ें पूरी खबर...
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डिजाइन फोटो। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में नए 100 सीबीएसई स्कूलों में वर्ष 2028 से दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं करवाई जाएंगी। इससे पहले शैक्षणिक सत्र 2026-27 में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ही लेगा। सरकार ने यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को किसी तरह की असुविधा न हो और पाठ्यक्रम परिवर्तन को सुचारु रूप से अपनाया जा सके।

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मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि अगले साल नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी ही सीबीएसई बोर्ड परीक्षा देने के पात्र होंगे। यानी जो छात्र पहले से दसवीं या बारहवीं में अध्ययनरत हैं, उनकी बोर्ड परीक्षा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत ही होगी।

सीबीएसई से संबद्धता लेने वाले स्कूलों के लिए यह भी स्पष्ट किया गया है कि लगातार दो शैक्षणिक वर्षों तक सीबीएसई का पाठ्यक्रम पढ़ाना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही संबंधित कक्षाओं के विद्यार्थी सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में बैठ सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षण गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और छात्रों को पाठ्यक्रम से सामंजस्य बैठाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता, राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा और छात्रों के करियर विकल्पों को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। सीबीएसई पाठ्यक्रम को आधुनिक, कौशल-आधारित और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुकूल माना जाता है, जिससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में लाभ मिलेगा। सीबीएसई व्यवस्था लागू करने से पहले संबंधित स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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