हिमाचल सरकार ने राज्य के बेरोजगारों को बदले हुए रूप में भत्ता देने का ऐलान किया है। वीरवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने घोषणा की कि राज्य सरकार जमा दो पास या इससे ऊपर शिक्षित बेरोजगारों को स्किल डेवलेपमेंट के लिए दो साल भत्ता देगी। भत्ता 1000 रुपए मासिक होगा। इसके लिए परिवार की वार्षिक आय 2 लाख से कम होनी चाहिए और बेरोजगार का नाम रोजगार कार्यालय में कम से कम दो साल से दर्ज हो। विकलांगों को 1500 रुपए भत्ता मिलेगा। यह वादा कांग्रेस ने चुनाव घोषणा पत्र में किया था।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013-14 में करीब 4050 नए पद भरने का ऐलान भी किया। इसमें 2000 शिक्षक, 500 पटवारी, 500 डाटा एंट्री, 500 जलरक्षक और कंप्यूटर आपरेटर, 250 सर्वेक्षक /जेई, 200 वन रक्षक, 100 नर्सें और शेष डाक्टर शामिल हैं। 31 मार्च 2013 तक 6 साल पूरा करने वाले अनुबंध कर्मी नियमित होंगे। 7 वर्ष पूरे करने वाले दैनिक वेतनभोगी भी रेगुलर किए जाएंगे।
बीड़ी, सिगरेट और सिगार भी महंगे हो गए हैं। सिगरेट और सिगार पर वैट 18 प्रतिशत से बढ़ा कर 36, जबकि बीड़ी पर वैट 11 से बढ़ाकर 22 प्रतिशत कर दिया गया है। सभी तरह के जूतों पर वैट को नौ फीसदी कर दिया। इससे सस्ते जूतों पर वैट बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए जिलों की मांग को देखते हुए प्रशासनिक सीमाएं पुनर्गठन आयोग बनाया जाएगा। सस्ते राशन, बिजली आदि के लिए जारी सब्सिडी स्कीमों को जारी रखा है।
विधायकों के लिए 2 लाख रुपये की अतिरिक्त ऐच्छिक निधि की घोषणा की गई है। विधायक निधि सालाना 50 लाख ही रहेगी। एंटी हेलनेट स्कीम पर सरकार अब 50 के बजाय 80 फीसदी सब्सिडी देगी। पालीहाउस स्कीम पर अब 80 फीसदी से 85 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। राज्य में स्थापित उद्योगों को 2 के बजाय 1.5 प्रतिशत केंद्रीय बिक्री कर देना होगा। नए उद्योगों को केवल 1 फीसदी दर देय होगी। पीटीए प्रवक्ताओं का मानदेय 7250 से 10,850, टीजीटी का 6950 से 10,125 और सीएंडवी का 6750 से 10,125 रुपये कर दिया है।