हिमाचल विधानसभा में मंगलवार को 17,053.78 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में अनुपूरक मांगें रखीं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक 2025 को सदन में पेश किया। इसके बाद संबंधित विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सीएम ने चालू वित्त वर्ष के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों की यह पहली और अंतिम किस्त प्रस्तुत की।
पारित बजट अनुमानों से ज्यादा धन की जरूरत होने पर अनुपूरक बजट में सबसे अधिक वेज एंड मींस और ओवरड्राफ्ट के लिए 10,137 करोड़ का प्रावधान करना पड़ा है। वेज एंड मींस ऐसी सुविधा है, जो सरकार को आरबीआई से उधार लेने की अनुमति देती है। सीएम ने 17 फरवरी 2024 को 58,444 करोड़ का बजट पेश किया था। अब यह रकम इसमें जुड़ जाएगी। अनुपूरक बजट में विद्युत उपदान के लिए 1,033 करोड़, एचआरटीसी को उपदान व ई-बस खरीद के लिए 814 करोड़, 763.26 करोड़ पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ, 455.91 करोड़ मेडिकल कॉलेजों के निर्माण, मशीनरी खरीद व हिम केयर योजना के लिए, 329.44 करोड़ का जलापूर्ति योजनाओं के लिए, 303.67 करोड़ आपदा राहत, 173.25 करोड़ पर्यटन विकास, 150.19 करोड़ मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की मरम्मत समेत नए स्कूलों, कॉलेज, इंडोर ऑडिटोरियम के निर्माण, 142.83 करोड़ 15वें वित्तायोग के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों को सहायता अनुदान शामिल है।
135.88 करोड़ सड़कों-पुलों व मुआवजे, 130.16 करोड़ कामकाजी महिला हॉस्टलों के निर्माण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं, सुख आश्रय और महिला सम्मान निधि, 127.77 करोड़ नई दिल्ली में राज्य अतिथि गृह के निर्माण, राष्ट्रीय विधि विवि के छात्रावास निर्माण व कार्यालय भवनों के निर्माण व रखरखाव, 124.50 करोड़ रेल परियोजनाओं, 120.72 लाख मनरेगा टॉप अप के तहत मजदूरी के भुगतान, 88.97 करोड़ बल्क ड्रग पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और हिमस्वैन कनेक्टिविटी, 81 करोड़ 52 लाख शहरी स्थानीय निकायों को सहायता अनुदान सहित अन्य शामिल हैं।