जायका प्रोजेक्ट के तहत 154 करोड़ से 100 गांवों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकार कृषि उपकरणों पर अनुदान देगी, इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में रखा गया है। वहीं, 1500 प्रशिक्षण शिविर, 4,000 प्रदर्शनियां, मोटे अनाज के उत्पादन के बारे में जागरूक करने के लिए 2,400 प्रदर्शनियां लगाने, जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की व्यवस्था की गई है। कृषि विभाग के सभी सरकारी फार्म प्राकृतिक खेती के अधीन लाए जाएंगे। 20 फीसदी हिस्से पर हल्दी, अदरक, अरबी, कटहल, रतालू की खेती होगी।
लैंटाना, चीड़ की सूखी सुइयों और कृषि-अवशेषों से जंगल की आग, जैव विविधता की हानि, जल संकट, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के मद्देनजर इन्हें बायोचर, बायो-एनर्जी, बायो-फर्टिलाइजर्स, बायो-पेस्टिसाइड, ग्रीन एनर्जी और कार्बन-क्रेडिट में परिवर्तन किया जाएगा। इससे कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। सरकार ने इको-टूरिज्म नीति में संशोधन किया है। प्रदेश में 78 नई इको-टूरिज्म साइटें आवंटित की जाएंगी। अगले 5 सालों में इको-टूरिज्म से 200 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। पिछले दो सालों में 208 मामलों में एफसीए मंजूरी दी गई हैं। फॉरेस्ट राइट एक्ट के तहत 560 मामलों को स्वीकृति दी गई है।