सार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नौवीं और दसवीं कक्षा का पाठ्यक्रम बदलने की तैयारी कर रहा है। दोनों कक्षाओं के लिए एनसीईआरटी आधारित सिलेबस तैयार किया जाएगा और नई पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित होंगी। नए पाठ्यक्रम में रटने के बजाय विषयों की समझ, कौशल विकास और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला
- फोटो : संवाद न्यूज एंजेसी
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नौवीं और दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव करेगा। दोनों कक्षाओं का पाठ्यक्रम नए सिरे से तैयार करने के साथ नई पाठ्यपुस्तकें भी प्रकाशित की जाएंगी। बोर्ड का लक्ष्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शैक्षणिक ढांचे के अनुरूप पढ़ाई उपलब्ध करवाना है। नए पाठ्यक्रम में रटकर याद करने के बजाय विषयों की समझ, कौशल विकास और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर दिया जाएगा।
इसके लिए विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर योजना तैयार की जाएगी। शिक्षा बोर्ड के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नौवीं और दसवीं कक्षा के लिए प्रस्तावित नया पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हो पाया था। ऐसे में अब आगामी शैक्षणिक सत्र से बदलाव लागू करने की तैयारी है।
इसके तहत दोनों कक्षाओं के मौजूदा पाठ्यक्रम की समीक्षा कर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आधारित पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। पाठ्यक्रम में बदलाव के साथ नई किताबें भी विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जाएंगी।
चौथी से आठवीं तक हो चुका है पाठ्यक्रम में बदलाव
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड इससे पहले चौथी से आठवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम में बदलाव कर चुका है। अब इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए नौवीं और दसवीं कक्षा को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।
बोर्ड का मानना है कि राज्य के पाठ्यक्रम और राष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जा रहे शैक्षणिक ढांचे के बीच अंतर होने से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। नए पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।