हिमाचल प्रदेश सरकार पहली पोषण नीति लाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच और मिलावट पर कार्रवाई सख्त करने पर जोर रहेगा।
हिमाचल प्रदेश में लोगों को शुद्ध, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के लिए पहली बार पोषण नीति बनाई जाएगी। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में विस्तृत प्रस्तुति दी गई है। अब सरकार इसके आधार पर नीति का मसौदा तैयार करेगी। प्रस्ताव को विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में लाया जाएगा। इसके पारित होने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकना और घटिया व अस्वस्थ खाद्य उत्पादों की बिक्री पर अंकुश लगाना है। इसके लिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने वाली प्रयोगशालाओं और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर रहेगा। मिलावट करने वालों और सड़े-गले खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कड़े जुर्माने और कानूनी कार्रवाई के मानक तय करने की भी योजना है।