हिमाचल प्रदेश विधानसभा का धर्मशाला के तपोवन स्थित परिसर।
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हिमाचल प्रदेश में 168 विभिन्न दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इसमें 40 मामलों में कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई जबकि 52 मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई दवा एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 के तहत कार्रवाई की गई। 65 मामलों में जारी अभी भी जारी है। 11 मामलों में विनिर्माण इकाइयों और जांच रिपोर्ट को चुनौती दी गई। जिसमें से 2 नमूने मानक पाए गए और 9 मामलों की रिपोर्ट केंद्रीय दवा प्रयोगशाला कोलकाता से लंबित है।
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। मंत्री ने बताया कि बद्दी में राज्य स्तरीय दवा परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की गई है। इसके अलावा कंडाघाट में संयुक्त परीक्षण प्रयोगशाला है। जिसमें खाद्य पदार्थों के साथ दवा के नमूनों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दवा प्रयोगशाला में 6000 नमूनों का प्रतिवर्ष विश्लेषण किया जाएगा। एनएबीएल से इसको लेकर मान्यता मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में 651 दवा निर्माण उद्योग स्थापित है।
भू-अधिग्रहण को 200 करोड़ की मुआवजा राशि हुई जारी
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में केंद्र सरकार में भानुपल्ली- बिलासपुर- बैरी रेलवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि वितरण के लिए आईसीआईसीआई बैंक बिलासपुर में 30 दिसंबर, 2022 को सौ करोड़ रुपये, अप्रैल,2023 को सौ करोड़ भू-अर्जन अधिकारी (रेलवे) बिलासपुर को प्राप्त हुए हैं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह जानकारी विधायक त्रिलोक ठाकुर की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
एनएचएम के तहत जिलों के उपलब्ध कराए गए 26 रोगी वाहन
तपोवन (धर्मशाला)। बीते दो वर्षों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 26 रोगी वाहन जिलों में दिए गए हैं। लाहौल-स्पीति में 108 एंबुलेंस के बेड़े के तहत पहले से ही दो फोर बाई फोर पहले ही चल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी विधायक अनुराधा राणा की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
ठेकेदार सीधे सरकारी खजाने में जमा नहीं करा सकते राशि
हिमाचल गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण रोकथाम) को लेकर एम फार्म को डब्ल्य एक्स फार्म के नाम से जाना जाता है। वैध खनिज रियायत धारकों को आनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अग्रिम रॉयल्टी राशि सरकारी खजाने में जमा करवाने के बाद जारी की जाती है। ठेकेदार इसे सीधे सरकारी खजाने में जमा नहीं करा सकते। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह जानकारी विधायक केवल सिंह पठानिया की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
चम्याणा अस्पताल में मरीजों को हर तरह की चिकित्सा सुविधा
चम्याणा सुपर स्पेशलिटी में मरीजों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। रोबोटिक सर्जरी, 256 स्लाइस सिटी स्कैन सुविधा, डिजिटल एक्सरे, लैब, माइक्रो बायोलॉजी लैब टेस्ट, पैथोलाजी लैब टेस्ट, हेमेटोलॉजी लैब टेस्ट, अल्ट्रासाउंड सहित रुटीन के टेस्ट किए जा रहे हैं। वर्तमान चम्याणा में मरीजों को एमआरआई टेस्ट की सुविधा आईजीएमसी में प्रदान की जा रही है।