मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आज वे कर्मचारी हितैषी बने हुए हैं, जो पहले नहीं थे। इसे स्पष्टता से बताना चाहिए कि जिसे अब तक यह लोग छिपाते रहे, हम उसे जनता में ले जाते रहे हैं। 2027 में हिमाचल स्वाबलंबी राज्य होगा और 2032 में सबसे समृद्धशाली प्रदेश बनेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में राज्य सरकार इस मामले में पहले बजट से चल रही है। जनता को साथ लेकर हिमाचल को आत्म निर्भर बनाना है। 2022 में जो आर्थिक संकट था, उससे आगे बढ़कर आर्थिक अनुशासन की ओर बढ़ रहे हैं।
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों को इस महीने पांच तारीख वेतन और पेंशन को 10 सितंबर को पेंशन दी जाएगी। अब पहली तारीख के बजाय 5 और 10 को देने का मुख्य कारण यह है कि सरकार विवेकपूर्ण तरीके से ब्याज बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वेतन और पेंशन पर साल में 24 हजार करोड़ खर्च किए जाते हैं। कई कर्मचारी ईएमआई चुकाने की बात कर रहे हैं। अगले महीने कोशिश करेंगे कि पहली तारीख को मिल जाए। आरडीजी के आने तक तीन करोड़ अतिरिक्त क्यों खर्चे। हमने पहली बार जनता को बताने की कोशिश की है। राज्य में किसी भी तरह का आर्थिक संकट नहीं है। आने वाले समय में कड़े फैसले लिए जाएंगे। राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव से पहले जो घोषणा कर लेते हैं। उसका कोई लाभ नहीं होगा।