इस संबंध में राज्य के शिक्षा सचिव ने सभी स्कूल प्रमुखों और कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को निर्देशात्मक पत्र जारी कर दिया है। कॉलेजों को 26 जून, जो कि अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के रूप में मनाया जाता है के अवसर पर विशेष रूप से शपथ को दोहराने को कहा गया है।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने कहा कि यह शपथ केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतना का संदेश है। इसका उद्देश्य छात्रों के बीच जागरुकता, जिम्मेदारी और नकारात्मक आदतों के प्रति प्रतिरोध की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से जब युवा नशे के खिलाफ खड़े होंगे, तो समाज में सकारात्मक बदलाव अवश्य आएगा।
शिक्षा विभाग ने स्कूल और कॉलेज प्रशासन को आदेश के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेश में एक स्वस्थ, नशामुक्त और सशक्त युवा पीढ़ी का निर्माण सुनिश्चित हो सके।