मेडिकल कॉलेज चंबा में रैगिंग का मामला सामने आया है। प्रथम वर्ष के एक प्रशिक्षु ने द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षु पर निजी काम करवाने और मानसिक रूप से तंग करने का आरोप लगाया है। शिकायत में प्रशिक्षु डॉक्टर ने यह तक कहा है कि इस दवाब के चलते वह दो बार आत्महत्या का मन बना चुका है।
मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच कमेटी गठित कर दो दिन में रिपोर्ट मांगी है। शिकायतकर्ता ने अन्य जूनियरों के साथ भी रैगिंग होने का आरोप लगाया है। वहीं, स्थानीय युवाओं ने प्राचार्य से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। कमेटी ने प्रशिक्षुओं से पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि प्रथम वर्ष के प्रशिक्षु से वरिष्ठ प्रशिक्षु अपने निजी काम करवाते और उसे तंग करते थे।
वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि शिकायतकर्ता ने 10-15 स्थानीय युवाओं को बुलाकर सीनियर्स को डराने-धमकाने की कोशिश की। कमेटी अब दोनों पक्षों की बातों को ध्यान में रखते हुए मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। उधर, मेडिकल कॉलेज चंबा के प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि शिकायत उनके पास पहुंची है और एंटी रैगिंग कमेटी को दो दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और निर्दोष को दंडित नहीं किया जाएगा।