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हिमाचल: 58 की उम्र में टूटा 19 साल का रिश्ता, क्रूरता परित्याग के आधार पर पति को मिला तलाक

Sat, 11 Jul 2026 05:20 AM IST
Krishan Singh विपिन चौधरी, धर्मशाला।

सार

कांगड़ा जिले के देहरा स्थित फैमिली कोर्ट ने 58 वर्षीय व्यक्ति को विवाह के करीब 19 साल बाद तलाक की मंजूरी दे दी। 
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अदालत(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा स्थित फैमिली कोर्ट ने 58 वर्षीय व्यक्ति को विवाह के करीब 19 साल बाद तलाक की मंजूरी दे दी। एडिशनल प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट देहरा सपना पांडेय ने क्रूरता और परित्याग (डेजर्शन) को आधार मानते हुए हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पति की याचिका स्वीकार कर विवाह विच्छेद की डिक्री पारित की। अदालत ने माना कि पति-पत्नी वर्ष 2010 से अलग रह रहे हैं और वैवाहिक संबंध सामान्य होने की अब कोई संभावना नहीं बची है।

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2007 में हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था विवाह
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार दोनों का विवाह वर्ष 2007 में हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। दंपती की कोई संतान नहीं है। पति ने याचिका में आरोप लगाया कि विवाह के कुछ समय बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। वह परिवार के साथ दुर्व्यवहार करती थी, वैवाहिक जिम्मेदारियां नहीं निभाती थी और बिना बताए घर से छोड़कर चली जाती थी। वर्ष 2010 में वह घर छोड़कर चली गई और दोबारा साथ रहने से इनकार कर दिया।
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कई बार समझौते के प्रयास किए गए
पति ने बताया कि पंचायत स्तर पर कई बार समझौते के प्रयास किए गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद उसने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान पत्नी लगातार अदालत में उपस्थित नहीं हुई, जिसके कारण मामला एकतरफा (एक्स-पार्टी) चला। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि पति ने क्रूरता और परित्याग के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए, जबकि पत्नी की ओर से उनका कोई प्रतिवाद नहीं किया गया। ऐसे में विवाह को समाप्त करते हुए तलाक की डिक्री पारित की गई।
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