हिमाचल प्रदेश की उफनती सतलुज नदी के बीच टापू में फंसी एक गाय को बचाने में जब प्रशासन ने आंखें मूंद ली, तो हाईकोर्ट को आगे आना पड़ा।
हिमाचल हाईकोर्ट ने गाय को बचाने के लिए राज्य के मुख्य सचिव को कदम उठाने के आदेश 4 जुलाई को दिए हैं। 17 जुलाई तक इन पर कोई अमल नहीं हुआ। गाय पिछले डेढ महीने से नदी के बीच बने टापू में फंसी हुई है।
टापू में प्राकृतिक घास खत्म हो गया है। नदी का पानी बढ़ रहा है और बहाव इतना तेज है कि नाव के जरिये वहां तक पहुंचा नहीं जा सकता।
रामपुर के समाजसेवी प्रेमराज भावटा और पीपल फार एनिमल संस्था के संजय बहल ने रामपुर के स्थानीय प्रशासन से मदद मांगी। जब कुछ नहीं हुआ तो ये हाईकोर्ट पहुंचे।
हाईकोर्ट ने बचाने के आदेश तो दिए लेकिन मुख्य सचिव कार्यालय से कोर्ट आर्डर रेवन्यू सेक्रेटरी को मार्क हो गया।
रेवन्यू सेक्रेटरी ने इसे आगे डीसी शिमला को भेज दिया, लेकिन मदद कोई नहीं कर रहा है। दोनों याचियों ने बुधवार को अब रिविजन पिटिशन दायर की है।