मंत्री पद की संभावित दौड़ में कुल्लू से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर और पालमपुर से विधायक आशीष बुटेल के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। हालांकि, अंतिम फैसला मुख्यमंत्री की पसंद, क्षेत्रीय संतुलन और हाईकमान की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए ही होने की संभावना है। उपमुख्यमंत्री समेत कैबिनेट के कई मंत्रियों के दिल्ली दौरे ने भी प्रदेश कांग्रेस की सियासत को गरमा दिया है। सामान्य तौर पर पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात को लेकर नेता इसे व्यक्तिगत या संगठनात्मक कार्यक्रम बताते रहे हैं, लेकिन एक ही समय में कई वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली सक्रियता ने मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं को फिर केंद्र में ला दिया है।
दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों और फीडबैक के दौर के बीच प्रदेश कांग्रेस में यह चर्चा भी तेज है कि हाईकमान सरकार के कामकाज और मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहा है। ऐसे में संभावित विस्तार के साथ विभागों में फेरबदल की संभावना से भी इन्कार नहीं किया जा रहा। मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच कैबिनेट की बैठक नहीं होने को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लग रही हैं। सरकार के स्तर पर इसकी वजह सामान्य प्रशासनिक कार्यक्रम और जरूरी एजेंडे के अनुरूप बैठक बुलाने से जुड़ी हो सकती है, लेकिन कांग्रेस के भीतर इसे मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
सचिवालय नहीं आए सीएम, ओकओवर में लिया स्वास्थ्य लाभ
मुख्यमंत्री सुक्खू शुक्रवार को सचिवालय नहीं आए। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के चलते उन्होंने ओकओवर में आराम किया। उधर, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, हर्षवर्धन चौहान, अनिरुद्ध सिंह और चंद्र कुमार ने शाम तक सचिवालय में कामकाज निपटाया।
कैबिनेट बैठक रद्द होने का कारण मनमुटाव नहीं : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि वह कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए शिमला आए थे। कई अन्य मंत्री भी शिमला में मौजूद थे। कैबिनेट बैठक रद्द होने की सूचना वीरवार शाम को मिली। बैठक क्यों स्थगित की गई, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट बैठक के स्थगित होने को लेकर किसी तरह के मतभेद या मनमुटाव की बात सही नहीं है।
कुछ बातें सार्वजनिक नहीं की जातीं: रोहित
दिल्ली दौरे को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि वह विभागीय कार्यक्रम के सिलसिले में दिल्ली गए थे। दिल्ली जाने के दौरान पार्टी नेतृत्व से मुलाकात होना भी स्वाभाविक है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश में सरकार और संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। अन्य मंत्री भी दिल्ली में मौजूद थे और कांग्रेस सरकार के चार साल के कार्यकाल को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पार्टी से जुड़ी कुछ बातें आंतरिक होती हैं और उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
मंत्रियों में सरकार के खिलाफ नाराजगी जैसा कुछ नहीं : चंद्र
कृषि मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने कहा कि अकसर मंत्री हाईकमान से मिलने के लिए दिल्ली जाते रहते हैं। अपनी परफार्मेंस से हाईकमान को अवगत करवाते हैं। कुछ मंत्री दिल्ली में पार्टी महासचिव से मिलते हैं तो कुछ प्रदेश प्रभारी से मुलाकात करते हैं। मंत्रियों में सरकार के खिलाफ नाराजगी या कोई अन्य चर्चा जैसा कुछ भी नहीं है।