चायल गांव के कुछ घरों को खतरा पैदा
वहीं कालका-शिमला रेल ट्रैक पर मंगलवार को ट्रेनें नहीं चलीं। खराब मौसम और सुरक्षा कारणों के चलते बुधवार को भी ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा। चंबा में खराब मौसम और धुंध के कारण मणिमहेश यात्रा के लिए भरमौर और होली से गौरीकुंड के बीच हेलिकॉप्टर सेवा भी प्रभावित रही। श्रद्धालुओं को हवाई सेवा का लाभ नहीं मिल सका। निरमंड उपमंडल की बागीपुल-जाओं सड़क पर भारी भूस्खलन से चायल गांव के कुछ घरों को खतरा पैदा हो गया। प्रशासन ने एहतियातन तीन घर खाली करवाकर परिवारों को उनके रिश्तेदारों के घरों में शिफ्ट किया।
60 सड़कें, 11 बिजली ट्रांसफार्मर ठप
प्रदेश में मंगलवार शाम तक 60 सड़कें, 11 बिजली ट्रांसफार्मर और 39 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। मंडी जिले में भूस्खलन से बंद सड़कों को खोलने का काम जारी रहा। सुबह जिले में 34 सड़कें बंद थीं, जिनमें आठ को दोपहर तक बहाल कर दिया गया। शाम चार बजे तक 26 सड़कें बंद रहीं। राष्ट्रीय राजमार्ग-003 भी रोपड़ू नाला के पास करीब ढाई घंटे प्रभावित रहा। कुन्नू पुल बस ठहराव के पास पहाड़ी का बड़ा हिस्सा हाईवे पर गिर गया। मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया। मौसम विभाग ने बुधवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को कांगड़ा में 99 मिलीमीटर, धर्मशाला में 43, पांवटा साहिब में 26, नाहन में 25, बिलासपुर में 15 और शिमला में 13 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
चुन्नी के सहारे बाइक सवार को बचाया
चुवाड़ी के ककीरा-कमलाहड़ी मार्ग पर भारी बारिश के बीच तेज बहाव में एक बाइक सवार फंस गया। पानी के तेज बहाव से उसका संतुलन बिगड़ गया। इस दौरान वहां से गुजर रहे टैक्सी चालक ने अपने रिश्तेदारों के साथ उसकी मदद की। टैक्सी चालक के साथ मौजूद नवविवाहिता और उसकी ननद ने चुन्नी के सहारे बाइक सवार को बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय रहते मदद मिलने से बाइक सवार की जान बच गई।
मरीज को ले जा रही एंबुलेंस नदी में फंसी, ट्रैक्टर से खींचकर निकाला
वहीं रायतन क्षेत्र में मंगलवार सुबह मरीज को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस नदी पार करते समय बीच धार में फंस गई। एंबुलेंस में 70 वर्षीय महिला सवार थी, जिसे हिमाचल के परवाणू स्थित अस्पताल ले जाया जा रहा था। नदी में पानी कम होने के बावजूद रास्ता स्पष्ट नहीं होने के कारण एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद एंबुलेंस को सुरक्षित बाहर निकाला। अछर नंबरदार ने बताया कि हरियाणा के गांव मल्लाह से सटे हिमाचल के गांव नारायणी की महिला को इलाज के लिए परवाणू ले जाया जा रहा था। नदी पार करते समय एंबुलेंस फंस गई। उन्होंने बताया कि मल्लाह और नारायणी के ग्रामीण वर्षों से इसी नदी के रास्ते आवागमन कर रहे हैं। बारिश के दौरान पानी बढ़ने पर यह रास्ता चार से पांच घंटे तक बंद हो जाता है। अछर नंबरदार ने बताया कि नदी पर पुल बनाने की मांग विधायक के समक्ष भी रखी जा चुकी है। बारिश में रास्ता बंद होने से मरीजों और जरूरतमंद लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी पर जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है।
स्लेटपोश मकान की छत गिरी, 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत
उधर, कांगड़ा जिले की ग्राम पंचायत साम्बा के वार्ड नंबर-2 में सोमवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में स्लेटपोश मकान की छत गिरने से 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला लछि देवी पत्नी स्वर्गीय मंगत राम की मौत हो गई है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार लछि देवी अपने पुराने कच्चे मकान में अकेली रहती थीं। उनके तीन बेटे हैं, जिनमें से एक की पहले ही मौत हो चुकी है। दो बेटे चूड़ामणि नाग और छोटे बेटे राज कुमार नाग ने कच्चे मकान के साथ अलग पक्का मकान बना रखा था और वहीं रहते थे। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला स्वयं पुराने कच्चे मकान में रहना पसंद करती थीं। हादसे की सूचना मिलते ही भवारना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेने के साथ परिजनों के बयान दर्ज किए। वहीं पटवारी ने भी मौके पर पहुंचकर हादसे से हुए नुकसान और परिस्थितियों का जायजा लिया। इस दौरान साम्बा पंचायत के प्रधान संजय गुलेरिया भी मौके पर मौजूद रहे। मंगलवार को परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में लछि देवी का अंतिम संस्कार साम्बा के श्मशान घाट में कर दिया गया। 106 वर्ष की उम्र में हुई इस दर्दनाक मौत से परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है।