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हमीरपुर: रैगिंग का आरोपी छात्र सीआर पद से बर्खास्त, प्रबंधन ने अभिभावकों को सौंपी रिपोर्ट

Thu, 15 Oct 2026 07:34 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर।

सार

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की गाइडलाइन के तहत यह कार्रवाई की गई है। सीआर का चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है, लेकिन रैगिंग जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर विद्यार्थी को इस पद पर नहीं रखा जा सकता।
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डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रैगिंग के मामले में कार्रवाई करते हुए कॉलेज प्रबंधन ने मुख्य आरोपियों में शामिल एक क्लास रिप्रेजेंटेटिव (सीआर) को भी पद से बर्खास्त कर दिया है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की गाइडलाइन के तहत यह कार्रवाई की गई है। सीआर का चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है, लेकिन रैगिंग जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर विद्यार्थी को इस पद पर नहीं रखा जा सकता। कॉलेज प्रबंधन ने मामले में चार अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें जांच रिपोर्ट और की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी है।

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कुछ अभिभावक जानकारी के बावजूद कॉलेज में नहीं पहुंचे। वहीं, कुछ अभिभावकों ने तय जुर्माना भर दिया है। मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की शिकायत सामने आने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने मामले की जांच की थी। जांच के आधार पर द्वितीय वर्ष के नौ एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को दो सप्ताह के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा कथित तौर पर रैगिंग के लिए इस्तेमाल किए गए पीजी कमरे से जुड़े छात्र और जूनियर विद्यार्थियों को वहां ले जाने वालों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। छह अन्य विद्यार्थियों पर 25-25 हजार रुपये प्रति छात्र की पेनल्टी लगाई गई है।
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निजी हॉस्टलों की निगरानी बढ़ाने की तैयारी
मामले में प्रथम वर्ष के एक छात्र ने सीनियर विद्यार्थियों के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी। आरोप था कि जूनियर छात्रों को सीनियर के पीजी कमरे में बुलाकर उनसे नजरें झुकाकर बात करने और मिलने पर डॉक्टर साहब कहकर नमस्ते करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान शिकायतकर्ता समेत आठ जूनियर विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए गए। उनके बयानों के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की। रैगिंग की घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन ने निजी हॉस्टलों की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। बड़ू, दोसड़का और सलासी में संचालित निजी हॉस्टलों में निगरानी बढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

एनएमसी की गाइडलाइन के तहत रैगिंग मामले में संलिप्त एक क्लास रिप्रेजेंटेटिव को उसके पद से बर्खास्त किया गया है। मामले में अभिभावकों से बैठक कर रिपोर्ट दी गई है। -रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
 

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