Hamirpur News : हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में एक ऐसी घटना सामने जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल है। हुआ यूं कि भोरंज के जाहू गांव में एक महिला की मौत हो गई। इस महिला की बहू को सास की मौत का ऐसा सदमा लगा कि उसने भी प्राण त्याग दिए। जिसके बाद दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।
जिला हमीरपुर के उपमंडल भोरंज के जाहू गांव में सास की मौत के बाद सदमे में बहू की भी मौत हो गई। इसके बाद दोनों की एक ही चिता पर दाह संस्कार किया गया। ग्रामीणों के अनुसार 85 वर्षीय दमोदरी की बुधवार शाम को 7 बजे मौत हो गई, जोकि कुछ दिनों से अस्वस्थ चली रही थी। सास की जैसे ही मौत हुई बहू रमेशां देवी पत्नी कश्मीर सिंह सास के शव से लिपटकर रोने लगी। इसी दौरान वह बेहाश हो गई।
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सास बहू में था काफी लगाव
स्थानीय लोगों व परिजनों ने उसे सिविल अस्पताल भोरंज पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। लोगों ने बताया कि एक घंटे के अंतराल में ही सास और बहू की मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सास और बहू के बीच गहरा प्रेम था। सास की मौत का गहरा सदमा बहू रमेशां देवी सहन नही कर पाई, जिससे उसकी भी मौत हो गई।
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विधायक ने जताया दुख
दोनों की एक साथ अंतिम यात्रा निकाली गई और वीरवार को श्मशान घाट पर एक ही चिता पर दोनों का संस्कार किया गया। यह घटना देखकर परिजन, रिश्तेदार और गांववासी बेहद भावुक हुए। बहू का पति कश्मीर सिंह पहले ही अस्वस्थ चल है। पत्नी और मां की एक साथ मौत हो जाने पर उन पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। विधायक भोरंज सुरेश कुमार ने रमेशां देवी और दमोदरी की एक साथ मौत होने पर गहरा दुख प्रकट किया है। जाहू पंचायत प्रधान अनुराधा शर्मा एवं पूर्व प्रधान रोशन लाल ने कहा कि सास-बहू में बड़ा प्रेम था। दोनों की मौत से गांव में माहौल गमगीन है।
सास के मुंह में पंजामृत डाल चंद क्षणों में खुद स्वर्ग सिधार गई रमेशां
उपमंडल भोरंज के जाहू गांव में सास और बहू के लगाव और वियोग की खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया है। सास दमोदरी की मौत पर हृदय रोग की मरीज बहू रमेशां ने हिम्मत बनाए रखी। सास को मोक्ष की प्राप्ति हो इसलिए पंचामृत जुटाया। यह पंचामृत सास के मुंह में रखा और अंतिम संस्कार से जुड़ी सामग्री भी एकत्र की। रूंधे गले से करीब 10 मिनट तक रमेशां ने सब्र का बांध टूटने नहीं दिया और आदर्श बहू का हर फर्ज निभाया। जब हिम्मत टूटी तो वियोग की पहली ही चीख में रमेशां भी सास दमोदरी के साथ नश्वर संसार को छोड़ गईं।
जाहू गांव निवासी विजय ने बताया कि रमेशां ने रोते हुए कहा ओ मेरी मां ये क्या हो गया। बस यही उसके आखिरी शब्द थे। सात बजे के करीब दमोदरी देवी की मौत हुई। पांच से दस मिनट तक पंचामृत और संस्कार से जुड़ी सामग्री खुद रमेशां ने जुटाई। फिर जब सास की अर्थी उठी तो पहली ही चीख निकलते वह अचेत हो गई। मौके पर मौजूद सबने सोचा कि गला रूंधने से वह क्षुब्ध है लेकिन जब बड़ी देर तक वह शांत रही तो उसको उठाया। भोरंज अस्पताल में जब एक घंटे में पहुंचे तो डॉक्टरों ने बताया कि पौना घंटा पहले ही उनकी मौत हो गई है। रमेशां के पति कश्मीर एक वर्ष से अधरंग के मरीज हैं। रमेशां अपनी बुजुर्ग सास के साथ पति की सेवा में दिन रात जुटी रहती थी। वह खुद हृदय रोग की मरीज थी बावजूद पति और सास की सेवा में 59 वर्ष की उम्र में खड़ी रही। जाहू पंचायत के पूर्व प्रधान रोशन लाल ने कहा कि इस घटना से परिजनों के साथ पूर गांव को पीड़ा से भर दिया है। हर किसी की आंख नम है। दोनों पुण्य आत्माओं को प्रभु चरणों स्थान मिले यही कामना है।
पत्नी और मां की एक साथ मौत हो जाने पर उन पर कश्मीर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। विधायक भोरंज सुरेश कुमार के रमेशां देवी और दमोदरी की एक साथ मौत होने पर गहरा दुख प्रकट किया है। जाहू पंचायत प्रधान अनुराधा शर्मा एवं पूर्व प्रधान रोशन लाल ने कहा कि सास-बहू में बड़ा प्रेम था। दोनों की मौत से गांव में माहौल गमगीन है।
घर की बड़ी बहू थी रमेशां, सास के बेहद करीब
बुजुर्ग दमोदरी के कश्मीर, करम सिंह और धर्म सिंह तीन बेटे हैं। रमेशां घर की सबसे बड़ी बहू थी। दमोदरी के तीनों बेटे अलग-अलग रहते हैं लेकिन घर एकदम साथ है। ऐसे में दमोदरी तीनों बेटों के साथ ही रहती थी। रमेशां अपने दोनों देवरों करम और धर्म सिंह के लिए मां की तरह थी। वह सास दमोदरी के बेहद करीब थी।
दादी के साथ बंटी ने खो दी मां, घर पर पता चला वियोग
रमेशां देवी के बेटे बंटी और बेटी मोनू की शादी हो चुकी है। बंटी दिल्ली में नौकरी करता है। दादी के देहांत की खबर सुन कर वह दिल्ली से घर के लिए रवाना हुआ था लेकिन घर पहुंच कर उसे मां के वियोग की जानकारी मिली।