फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महान कहानीकार और उपन्यासकार थे यशपाल : ललित

Wed, 04 Dec 2024 01:00 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
विज्ञापन
हमीरपुर कॉलेज में क्रांतिकारी एवं साहित्यकार यशपाल की जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम में
विज्ञापन
हमीरपुर। प्रदेश के महान क्रांतिकारी एवं साहित्यकार यशपाल की जयंती के उपलक्ष्य पर भाषा एवं संस्कृति विभाग ने मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय महाविद्यालय के सभागार में राज्य स्तरीय कार्यक्रम करवाया।
विज्ञापन

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और महान क्रांतिकारी एवं साहित्यकार यशपाल को पुष्पांजलि अर्पित करके किया गया। इस अवसर पर सभी वक्ताओं, अन्य अतिथियों, साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों का स्वागत करते हुए निदेशक डॉ. पंकज ललित ने कहा कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी यशपाल एक बेहतरीन कहानीकार के साथ-साथ उम्दा उपन्यासकार भी थे। उनकी कहानियों और उपन्यासों के अनुवाद मराठी, गुजराती, तेलगु, मलयालम, अंग्रेजी, रूसी और फ्रेंच भाषाओं में भी प्रकाशित हुए हैं। इनके 50 से अधिक कहानी संग्रह, उपन्यास, लेख संग्रह, नाटक व जेल संस्मरण प्रकाशित हुए हैं।
इस अवसर पर भाषा एवं संस्कृति विभाग की अभिलेखागार शाखा द्वारा हिमाचल के ऐतिहासिक एवं दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के भूतपूर्व प्रो. चमन लाल ने मुख्य वक्ता के रूप में क्रांतिकारी साहित्यकार यशपाल के जीवन में क्रांति और साहित्य का सामंजस्य विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि हिंदी साहित्य में उपन्यास के क्षेत्र में प्रेमचंद के बाद यशपाल का स्थान है। इसके बाद साहित्यकार विजय विशाल, डॉ. ओपी शर्मा, डॉ. प्रकाश चंद ठाकुर, त्रिलोक मेहरा, राजेंद्र राजन, रत्न चंद रत्नाकर और अन्य साहित्यकारों ने यशपाल से संबंधित विषयों पर विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन

कार्यक्रम के मुख्यातिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुशील कुमार फुल्ल ने अपने वक्तव्य में यशपाल से संबंधित प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यशपाल की कहानियां पाठकों के अंत:करण को झकझोर देते हुए अपनी छाप छोड़ती हैं। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. हेमराज कौशिक ने कहा कि यशपाल हमीरपुर से लेकर सोलन सहित समूचे हिमाचल के हैं।
विशिष्ट अतिथि यशपाल के सुपुत्र आनंद यशपाल ने कहा कि भाषा एवं संस्कृति विभाग वर्ष 1977 से निरंतर प्रति वर्ष यशपाल जयंती का आयोजन कर रहा है, जो हिमाचल का यशपाल के प्रति अपार स्नेह है। उन्होंने कहा कि यशपाल पर भारत के साथ-साथ विदेशों में भी शोध हो रहे हैं। कार्यक्रम में पद्मश्री करतार सिंह सौंखले भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दूसरे सत्र में रूपी सिराज कला मंच, कुल्लू द्वारा यशपाल की कहानियों पर आधारित नाटक का मंचन किया गया।
इस मौके पर विभाग के संयुक्त निदेशक मनजीत शर्मा, सहायक निदेशक सुरेश राणा, सुनीला ठाकुर एवं मोहन कुमार, अनुसंधान सहायक संतोष कुमार एवं दीपा आदि उपस्थित रहे।

हमीरपुर कॉलेज में क्रांतिकारी एवं साहित्यकार यशपाल की जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम में

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें