हमीरपुर। प्रदेश में बढ़ते नशे की समस्या के खिलाफ अब गांव-गांव से आवाज बुलंद होने लगी है। चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान को लेकर जिले की 248 पंचायतों में दो दिवसीय विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया।
सभाओं में ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया। इनमें पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, नशा निवारण कमेटियों, महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूहों और आम ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर चिट्टे के खिलाफ हुंकार भरी है।
सभाओं का मुख्य उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामुदायिक स्तर पर रणनीति तैयार करना और नशा तस्करी के खिलाफ सख्त सामाजिक निगरानी व्यवस्था खड़ी करना रहा। प्रदेश सरकार और पंचायती राज विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह विशेष अभियान दो दिन तक चला।
21 जनवरी को छह विकास खंडों में 134 और दूसरे दिन 22 जनवरी को 114 पंचायतों में सभाओं का आयोजन किया गया। सभाओं में नशे की वर्तमान स्थिति, इसके कारण और प्रभावों, नशा उन्मूलन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई। कई पंचायतों में ग्राम सभाओं को विशेष रूप से नशा मुक्त हिमाचल थीम पर केंद्रित किया गया, जहां वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए और युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई।
बाक्स:
खंड प्रथम दूसरा
सुजानपुर
15
07
भोरंज
21
21
हमीरपुर
24
24
बिझड़ी 28
24
नादौन
29
30
बमसन
17
08
248
134
114
कोट
नशे की समस्या के खिलाफ प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार दो दिन में 248 पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। सभाओं में ग्रामीण स्तर पर नशे के खिलाफ अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
-बबीता गुलेरिया, जिला पंचायत अधिकारी
राशन कार्ड से नाम काटने का प्रस्ताव
ग्राम पंचायत बलोह में चिट्टा के खिलाफ कदम उठाते हुए पंचायत प्रतिनिधियों और लोगों ने चिट्टे में संलिप्त लोगों का बहिष्कार करने तथा उनका राशन कार्ड काटने का फैसला लिया। पंचायत प्रधान लता देवी ने कहा कि अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी सूचना पंचायत प्रतिनिधियों को दें। इस मौके पर 140 लोगों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, जिसमें 100 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया।