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सैनेटरी पैड यूनिट लगा महिलाओं ने अपनाया स्वरोजगार

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Women adopted self-employment by setting up sanitary pad unit
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हमीरपुर। उपमंडल भोरंज की ग्राम पंचायत गरसाहड़ के ककरोहल गांव में अनमोल स्वयं सहायता समूह की महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी हैं। इन्होंने बेहतरीन कदम उठाते हुए सैनेटरी पैड यूनिट लगाई है। अब यह महिलाएं अचार, कैंडी और मुरब्बा के अलावा सैनेटरी पैड भी बनाएंगी और उन्हें बेचकर अपनी आर्थिकी मजबूत करेंगी।
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इस यूनिट को लगाने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने करीब 15 लाख रुपये खर्च किए हैं। इनमें से नौ लाख रुपये मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत ऋण लिया है और तीन लाख रुपये स्वयं सहायता समूह की ओर से ऋण लिया है। वहीं, करीब तीन लाख रुपये समूह की प्रधान सुनीता देवी ने अपनी ओर से भी लगाए हैं, जो उसने मेलों में लगाई प्रदर्शनियों में विभिन्न उत्पाद बनाकर कमाए हैं। इस यूनिट के लगने से समूह की आठ महिलाओं को स्वरोजगार मिला है।
पहल नाम से बने सैनेटरी पैड उत्पाद की कीमत बाजार में महज 38 रुपये है, जो कई अन्य बिकने वाले सैनेटरी पैड से कम है। स्वयं सहायता समूह की प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि करीब नौ लाख रुपये की मशीन यूनिट में लगाई गई है। इसके अलावा कच्चा माल और अन्य उपकरण भी लगे हैं। यूनिट लगाने पर करीब 15 लाख रुपये खर्च हुए हैं। पूर्व में महिलाओं ने अचार, मुरब्बा, आंवला कैंडी बेचकर बेहतरीन कार्य किया है और अपनी आर्थिकी मजबूत की है।
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सभी महिलाएं गरीब परिवार से संबंधित हैं। 23 अप्रैल को इस यूनिट का उपायुक्त के हाथों विधिवत शुभारंभ करवाकर उत्पाद की बिक्री शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल उत्पाद बनाना शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे उत्पाद की मांग बढ़ेगी, क्षेत्र के अन्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी इससे जोड़कर उनकी आर्थिकी मजबूत की जाएगी। इस संबंध में परियोजना अधिकारी एवं उपनिदेशक डीआरडीए केडीएस कंवर ने कहा कि ककरोहल के अनमोल स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बेहतरीन कार्य कर रही हैं। सैनेटरी पैड यूनिट इन महिलाओं ने लगाई है। 23 अप्रैल को उपायुक्त देबश्वेता इसका विधिवत शुभारंभ करेंगी।
बच्चों को बेहतरीन शिक्षा और प्रशिक्षण दिलवाना लक्ष्य
स्वयं सहायता समूह की प्रधान सुनीता देवी गरीब परिवार से संबंधित है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह के साथ जुड़ने से आजीविका कमाने में सफल रही हैं। पक्का मकान भी बना लिया है। बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रही हैं। समाज में पहचान मिली है। बचत भी होने लगी है और आमदनी बढ़ी है। अचार, मुरब्बा, कैंडी के अलावा पेपर व जूट बैग और फाइलें भी बना रहे हैं। इससे आमदनी बढ़ी है। उनका लक्ष्य अपने व अपने समूह की गरीब महिलाओं के बच्चों को बेहतरीन शिक्षा व प्रशिक्षण करवाना है। समूह की सभी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। खुद का उद्योग चलाकर उसमें गरीब महिलाओं को रोजगार देना लक्ष्य है। इस समूह में सुनीता देवी के अलावा ब्रह्मी देवी, नीलम कुमारी, अनीता देवी, शकुंतला देवी, रीता देवी, पूजा रानी और सुनीता कार्य कर रही हैं। संवाद
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