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Hamirpur (Himachal) News: सिर पर तेज धूप, हाथ में पर्ची और दवाइयों की उम्मीद में भटकते रहे मरीज

Thu, 21 May 2026 01:13 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की फार्मेसी में दवाइयां प्राप्त करते मरीज। संवाद
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हमीरपुर। केमिस्ट-ड्रगिस्ट की एक दिवसीय हड़ताल का असर सीधे मरीजों पर दिखा है। मेडिकल स्टोर पर ताले लटके रहे, जबकि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की फार्मेसी में भी जरूरी दवाइयां नहीं मिलीं।
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तेज धूप, हाथ में पर्ची और दवाइयों की उम्मीद लेकर मरीज दिन भर भटकते रहे। कुछ मरीजों को तो मेडिकल कॉलेज में दवाइयां मिल गईं, लेकिन कई मरीजों को सिर्फ निराशा हाथ लगी।
समय : 12:15 बजे। स्थान : मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर।
सामान्य दिनों के मुकाबले मेडिकल कॉलेज की सरकारी फार्मेसी में मरीजों की अधिक भीड़ है। मेडिकल कॉलेज के बाहर मेडिकल स्टोर पर ताले लटके हैं, जबकि अस्पताल की सरकारी फार्मेसी में भी कई जरूरी दवाइयों का स्टॉक खत्म है।
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सुबह से ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतारें लगी रहीं। चिकित्सकों ने जांच के बाद दवाइयां लिखीं, लेकिन मरीज जब दवा काउंटर पर पहुंचे तो कई दवाइयां उपलब्ध नहीं थीं। इसके बाद मरीजों को बाजार के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन हड़ताल के कारण ज्यादातर मेडिकल स्टोर बंद मिले।
इसके चलते कई मरीज बिना दवाइयां लिए ही वापिस लौट गए। हालांकि जिले में कुछ मेडिकल स्टोर के आधे शटर खुले थे, जिस कारण कई मरीजों को इनमें दवाइयां मिल भी गईं।



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मैं शूगर और बीपी का मरीज हूं। दवाइयां खत्म हो गई हैं। हड़ताल की जानकारी नहीं थी। जब मेडिकल स्टोर पहुंचा तो उस पर ताले लटके मिले। -राकेश जंबाल, निवासी चौकी जंबाला


मेडिकल स्टोर बंद हैं। मेडिकल कॉलेज की फार्मेसी में दो दवाइयां मिली थीं। एक दवाई के लिए अब कल तक इंतजार करना पड़ेगा। जब मेडिकल स्टोर खुलेगा, तभी दवाइयां ले पाऊंगा। -सुरेश कुमार, निवासी अणु



सुबह 9 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंची। कुछ टेस्ट करवाएं। मधुमेह की दवाई के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। दोपहर का एक बज चुका हैं। अभी घर पहुंचने में देरी हो जाएगी। -अमरो देवी, निवासी तेलकड़


बॉक्स

ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध, सुधारात्मक कदम उठाने की मांग

राज्य केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर सभी केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स ने स्टोर बंद रखे। जिले में करीब 300 मेडिकल स्टोर हैं। जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश शर्मा ने बताया कि दवाइयों की अवैध एवं अनियमित ऑनलाइन बिक्री हो रही है। बिना वैध एवं सत्यापित चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी की जा रही है। ऑनलाइन दवा प्लेटफॉर्म्स की ओर से अत्यधिक छूट की अनुचित नीति, जिससे छोटे एवं लाइसेंसधारी केमिस्ट्स गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। दवाइयां सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं और उचित सत्यापन के बिना उनकी अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री जन स्वास्थ्य, मरीजों की सुरक्षा एवं ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अंतर्गत स्थापित व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि मरीजों की सुरक्षा और लाखों छोटे लाइसेंसधारी केमिस्ट्स एवं उनके कर्मचारियों के हितों की रक्षा हेतु तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की फार्मेसी में दवाइयां प्राप्त करते मरीज। संवाद

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की फार्मेसी में दवाइयां प्राप्त करते मरीज। संवाद

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की फार्मेसी में दवाइयां प्राप्त करते मरीज। संवाद

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की फार्मेसी में दवाइयां प्राप्त करते मरीज। संवाद

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