हमीरपुर। नगर निगम क्षेत्र के तहत बाईपास पर नाले के ऊपर अवैध रूप से खड़े किए जा रहे तीन मंजिला भवन को लेकर अब मामला और उलझ गया है। नोटिस के जवाब में संबंधित दोनों पक्षों जमीन मालिकों ने निर्माण से किसी भी तरह का संबंध होने से साफ इनकार कर दिया है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जब कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा, तो आखिर इस तीन मंजिला भवन का निर्माण किसने कराया? नगर निगम की ओर से दोनों पक्षों को कार्यालय में तलब कर पक्ष रखने को कहा गया था। पेशी के दौरान दोनों ने निर्माण को लेकर अनभिज्ञता जताई है।
इसके बाद कनिष्ठ अभियंता ने मौके का निरीक्षण किया, जहां तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने की तैयारी चलती पाई गई। हालात को देखते हुए नगर निगम ने पुलिस को भी लिखित रूप से निर्माण कार्य रुकवाने के लिए पत्र भेजा है।
इसके साथ ही नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि अब केवल नोटिस तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। अवैध ढांचे को गिराने के लिए अलग से नोटिस जारी किया जाएगा। निर्माण कार्य दोबारा शुरू न हो, इसके लिए निगम का एक कर्मचारी मौके पर निगरानी के लिए तैनात रहेगा।
यदि इसके बावजूद कार्य जारी रहता है, तो इसकी तत्काल सूचना नगर निगम को दी जाएगी। नाले के ऊपर किए गए इस अवैध निर्माण को लेकर अब तक नगर निगम की कार्रवाई नोटिस जारी करने तक ही सीमित रही थी, लेकिन अब सख्त कदम उठाने के संकेत मिल रहे हैं।
कोट:
नगर निगम ने दोनों पक्षों को कार्यालय बुलाकर उनका पक्ष सुना है। दोनों ने निर्माण को लेकर अनभिज्ञता जताई है। अब अवैध ढांचा गिराने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। पुलिस को निर्माण रुकवाने के लिए पत्र लिखा जा रहा है और मौके पर निगरानी के लिए निगम का कर्मचारी तैनात किया जाएगा।
-राम प्रसाद शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम, हमीरपुर