हमीरपुर। सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू) की तर्ज पर मानव मस्तिष्क की इंसान के जीवन में अहम भूमिका है। चलना-फिरना, खाना-पीना या अन्य काम करना जैसे सारे निर्देश सीपीयू की तरह मानव मस्तिष्क से जारी होते हैं। सिर पर चोट लगने से इंसान कई बार अपनी जान से हाथ धो बैठता है। कई बार गंभीर घायल व्यक्ति कोमा में चला जाता है। इसलिए जब भी दोपहिया वाहन चलाएं तो हेल्मेट का इस्तेमाल करें। कई बार वाहन चालक इसलिए हेल्मेट पहनते हैं, चूंकि पुलिस सामने खड़ी होती है, ताकि चालान से बचा जा सके। ऐसी प्रवृत्ति छोड़ कर दोपहिया वाहन चालक हेल्मेट को अपने जीवन का अहम अंग समझ कर नियमित रूप से इसे पहनें, ताकि बहुमूल्य जीवन को बचाया जा सके।
यह बात हमीरपुर थाना के एसएचओ संजीव गौतम ने शनिवार को दि मैग्नेट पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल हमीरपुर में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कही। सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देते हुए एसएचओ ने कहा कि कार चलाते समय सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें। संपर्क सड़क से मुख्य सड़क की ओर आते समय सावधानी बरतें। उन्होंने साइबर क्राइम के बारे में बताया कि आजकल मोबाइल पर झूठे लॉटरी के मैसेज आने से लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं। शातिर लोगों को फोन कर उनके बैंक खाते और एटीएम पिन से संबंधित जानकारी मांग रहे हैं, इनसे सावधान रहना चाहिए। फेसबुक और व्हाट्सएप पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
विद्यार्थी नशे का सेवन न करें और पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भाग लेकर तंदुरुस्त रहें। नशे के सेवन से जान भी जा सकती है। नशे का सेवन करने और बेचने पर एनडीपीएस के तहत भारी जुर्माना और उम्रकैद तक का प्रावधान भी है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने आसपास नशे, किसी से छेड़छाड़ या चोरी की घटनाओं की जानकारी पुलिस थाना में, हेल्पलाइन नंबर 100, 112, मुख्यमंत्री सेवा संकल्प नंबर 1100 पर दे सकते हैं। सूचना देने वाला की जानकारी हमेशा गुप्त रखी जाती है।
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एचएचओ ने साइबर क्राइम के बारे में विस्तार से बताया। किस तरह शातिर यूआरएल, फेसबुक से फोटो कॉपी कर फर्जी अकाउंट्स बनाकर ठगते हैं, इस बारे में जानकारी मिली है। अपने सोशल मीडिया अकाउंट को लॉक लगाकर सुरक्षित रखना चाहिए।
-आशीष, विद्यार्थी।
प्रवासी बच्चों को स्कूल में दाखिला लेने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एसएचओ से इस मामले में बात कर इस समस्या के समाधान के बारे में चर्चा की गई है, ताकि प्रवासी बच्चे दिहाड़ी-मजदूरी छोड़ हमारी तरह शिक्षा ग्रहण कर सकें।
-धान्य, विद्यार्थी।
संपर्क सड़क से मुख्य सड़क में किस तरह प्रवेश करना है, इस बारे में पुलिस थाना प्रभारी ने महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कई बार यातायात नियमों की जानकारी के अभाव में सड़क हादसे होते हैं। इसलिए ड्राइविंग लाइसेंस बनाते समय इसकी जानकारी मिलनी चाहिए।
-सोनाक्षी, विद्यार्थी।
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभाव और साइबर क्राइम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। कार्यक्रम में हासिल जानकारी के बारे में अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करेंगे, ताकि वह ठगी के शिकार होने से बच सकें।
-मेहुल राणा, विद्यार्थी।
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में थाना प्रभारी ने बहुत बढ़िया जानकारी प्रदान की है। आजकल कई लोग जागरूकता के अभाव में बैंक ठगी के शिकार हो रहे हैं। वहीं, यातायात नियमों की जानकारी के अभाव में कई दुर्घटनाएं होती हैं। जब लोग जागरूक होंगे तो इस तरह की घटनाएं बहुत कम होंगी।
आरुषि, विद्यार्थी।
अमर उजाला फाउंडेशन हर क्षेत्र में सामाजिक दायित्व का बखूबी निर्वहन कर रही है। पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी मिली है। इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है। पुलिस की पाठशाला और अपराजिता जैसे कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अमर उजाला फाउंडेशन बधाई की पात्र है।
-अरुण चौहान, प्रिंसिपल, दि मैग्नेट पब्लिक स्कूल हमीरपुर।