हमीरपुर शहर के बाशिंदों को बेहतर पेयजल सुविधा मुहैया करवाने पर आईपीएच 64 करोड़ रुपये खर्च करेगा। शहर में गर्मियों के सीजन पेयजल किल्लत नहीं सताएगी।
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग हमीरपुर ने जिला मुख्यालय में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर इस पर कार्य शुरू कर दिया है।
नगर परिषद हमीरपुर क्षेत्र में डेढ़ दर्जन बड़े पेयजल टैंकों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यहां सवा लाख से लेकर साढ़े चार लाख लीटर की क्षमता वाले छोटे और बड़े 16 पेयजल टैंक बन रहे हैं। इन सभी टैंकों को हीरानगर में बनने वाले एक बड़े पेयजल टैंक से पानी की आपूर्ति होगी।
हीरानगर में बनने वाले बड़े स्टोरेज टैंक में ब्यास नदी से पानी लिफ्ट कर डाला जाएगा। इन सभी 16 पेयजल टैंकों से शहर के सभी 11 वार्डों में रहने वाले परिवारों को पानी की आपूर्ति होगी।
इस योजा से 18 हजार के करीब आबादी लाभान्वित होगी। टैंकों के अलावा आईपीएच विभाग पांच परकुलेशन वेल का निर्माण कर रहा है, ताकि शहर में पानी की कोई समस्या नहीं रहेगी।
वर्तमान में हमीरपुर शहर में 11 वार्ड हैं। शहर में रोजाना 32 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है, लेकिन 28 से 30 लाख लीटर पानी ही प्रतिदिन मुहैया हो रहा है। शहर में प्रस्तावित इन 16 टैंकों का कार्य पूरा हो जाने के बाद किसी भी वार्ड में पानी को लेकर कोई समस्या नहीं रहने वाली है।
स्कीम पर 64 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 40 करोड़ रुपये विभाग को प्राप्त हो चुके हैं। मार्च 2016 तक इस स्कीम को चालू करने का लक्ष्य विभाग ने तय किया है।
आईपीएच हमीरपुर के एक्सईए एनके भोगल ने बताया हमीरपुर जिला मुख्यायल पर 16 पेयजल टैंकों का निर्माण कार्य जारी है। इनमें से अधिकतर का कार्य पूरा हो चुका है। शेष टैंकों का कार्य प्रगति पर है। आने वाले समय में शहर में पानी की कोई समस्या नहीं रहेगी। स्कीम पर 64 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 40 करोड़ रुपये विभाग को मिल चुके हैं। मार्च 2016 तक स्कीम चालू हो जाएगी।