25 से 30 फीसदी पानी घटने से 14 गांवों में गहराया पेयजल संकट
ज्यादा गर्मी बढ़ी तो दोनों पेयजल योजनाओं में होगी पानी की भयंकर कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
जाहू (हमीरपुर)। जलशक्ति भोरंज मंडल के अधीन आने वाली दो मुख्य उठाऊ पेयजल योजनाएं मारकंडा तत्तापानी और जख्योल-प्रथम चरण के जलस्रोतों में 25 से 30 फीसदी पानी सूख गया है। इससे आने वाले समय में लोगों को गंभीर पेयजल संकट की समस्या से जूझना पड़ेगा। दोनों पेयजल योजनाओं का रखरखाव व संचालन जल शक्ति विभाग उपमंडल लदरौर के अधीन आता है। वर्षों पहले बनी मारकंडा तत्तापानी उठाऊ पेयजल योजना से 10 गांवों के करीब 800 नलों को हर रोज पानी की सप्लाई की जाती है। यह योजना कुनाह खड्ड के किनारे होने के कारण गर्मी के मौसम का इसपर सीधा असर पड़ता है। तीन दिन से गर्मी बढ़ने के कारण योजना के जलस्रोत में 25 से 30 प्रतिशत पानी की कमी हो गई है। इससे डेढ़ घंटा चलने वाली मोटरें अब एक घंटा ही चल रही हैं। पानी की कमी का सीधा असर गांवों में पड़ने लगा है। ऐसी ही स्थिति भौंखर खड्ड के किनारे बनी जख्योल-प्रथम चरण योजना की है। इस योजना से चार गांवों में 4700 व्यक्तियों व 1000 विद्यार्थियों को करीब 400 नलों के माध्यम से पानी की सप्लाई दी जा रही है। इस योजना में गांवों तक पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए दरुण में बने 2 लाख 4 हजार लीटर के भंडारण टैंक व दशमल गांव के पास बने 35,000 लीटर क्षमता के टैंक के पानी की सप्लाई चार गांवों में लगे नलों को दी जाती है। यहां पर जलस्रोत में 25 से 30 फीसदी पानी की कमी दर्ज की गई है। इससे गांवों में पानी की सप्लाई पर असर पड़ने लगा है।
ब्यान:
जल शक्ति विभाग उप मंडल लदरौर के सहायक अभियंता राजेंद्र सिंह पठानिया ने कहा कि दोनों पेयजल योजनाओं के जलस्रोत पर गर्मी के मौसम का प्रभाव पड़ने लगा है। 25 से 30 फीसदी पानी की कमी होने की बजह से अब एक घंटा ही सप्लाई हो रही है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी की सदुपयोग करें।