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हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में हर ओपीडी के बाहर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से मरीज और तीमारदार परेशान
दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को उमड़ी भीड़, कम पड़े बेंच और कुर्सियां
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ठंड के मौसम में मरीजों और तीमारदारों को फर्श पर बैठकर उपचार के लिए अपनी वारी इंतजार करना मजबूरी बन गया है। हालात ये हैं कि हर ओपीडी के बाद मरीजों के लिए बैठने के लिए दी गई सुविधा नाकाफी है, इस कारण मरीजों को फर्श पर बैठना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी गंभीर रूप से बीमार और बुजुर्ग मरीजों की होती है।
स्थान : नेत्र ओपीडी। समय: 01:20 बजे। ओपीडी के बाहर मरीज फर्श पर बैठे हैं। यहां पर इक्का-दुक्का बैंच और कुर्सियों की व्यवस्था है, लेकिन अधिकतर तीमारदार और मरीज ठंडे फर्श पर ही बैठे हैं। जाहू से इलाज के लिए आए वरिष्ठ लोगों को बैठने के लिए जगह नहीं मिली तो उन्हें मजबूरन ठंड में फर्श में बैठना पड़ा। ये बुजुर्ग अपने बेटे के साथ मेडिकल कॉलेज में आए थे। हर बार अवकाश के बाद अक्सर डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज में मरीजों की अधिक भीड़ होती है। इस कारण व्यवस्थाएं कम पड़ जाती हैं। सामान्य दिनों में जहां ओपीडी एक हजार के करीब होती है, वहीं अवकाश के बाद यह ओपीडी 1200 से 1300 तक पहुंच जाती है। यह महज नेत्र ओपीडी की ही हालत नहीं, बल्कि हर ओपीडी के बाहर बैठने की व्यवस्था नाकाफी है जिस वजह से मरीजों और तीमारदारों को मजबूरी में ठंडे फर्श पर ही बैठना पड़ता है।
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शौचालय का पाइप टूटा
मेडिकल कॉलेज में आम लोगों के लिए शौचालय की सुविधा तो दी गई है, लेकिन यहां पर भी बेहतर रखरखाव का अभाव है। शौचालय में पाइप टूटा हुआ है, जिस कारण भी मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। इलाज करवाने आए मरीजों के साथ-साथ तीमारदारों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मेडिकल कॉलेज में व्याप्त असुविधाओं में सुधार की मांग की है।
कोट
-मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रयासरत हैं। अवकाश वाले दिन के बाद अक्सर अधिक संख्या में मरीज आते हैं। उसके बाद भी यहां पर मरीजों को बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था है। हालांकि अस्पताल की व्यवस्थाओं की जिम्मा चिकित्सा अधीक्षक के पास होता है। -डॉ. रमेश भारती, प्रिंसीपल, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर