हमीरपुर। एजुकेशन हब हमीरपुर जिला के 412 प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी को अब स्वयंसेवी पूरा करेंगे। प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के स्वयंसेवी, प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए विभिन्न गतिविधियों के आयोजन में मदद करेंगे। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को सभी रूपों में सक्षम बनाना है। इसके लिए छह शिक्षा खंडों में 13 स्वयंसेवी नियुक्त किए गए हैं।
ये स्वयंसेवी निपुण भारत मिशन और एफलएन (आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) के तहत प्री-प्राइमरी से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने में सहायता करेंगे। जिला के 256 प्राथमिक स्कूलों में जेबीटी शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जबकि 168 स्कूलों में एक-एक शिक्षक पर प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का जिम्मा है। इस स्थिति में शिक्षकों को विद्यार्थियों को पढ़ाने में कठिनाइयां पेश आ रही हैं।
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से इस स्थिति को सुधारने के लिए स्वयंसेवियों को स्कूलों में नियुक्त किया जा रहा है। ये स्वयंसेवी दो सप्ताह तक एक स्कूल में सेवाएं देने के बाद जरूरत के अनुसार दूसरे स्कूल में सेवाएं देंगे। फाउंडेशन की गतिविधियों में निपुण भारत मिशन, फाइव विकास, खेलों का जादू और किताबों में क्रीड़ा के साधन शामिल हैं, जो विद्यार्थियों को खेल-खेल में पढ़ाई करवाने में मदद करेंगे।
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के जिला समन्वयक तीपतपेंद्र ने बताया कि स्वयंसेवी प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही फाउंडेशन स्कूलों में शिक्षा विभाग द्वारा जारी बजट के अनुसार ही गतिविधियों का आयोजन करेगा, ताकि प्रदेश सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके।