जाहू (हमीरपुर)। केंद्र सरकार की वित्त पोषित वाटरशेड परियोजना ग्रामीणों के चहुंमुखी विकास के लिए वरदान साबित होने लगी है। इसके तहत छह पंचायतों के किसानों को सब्जियों के बीज बांटे जाएंगे।
योजना के तहत ग्रामीण बकरी पालन, मुर्गी पालन, सेरी कल्चर, फलोत्पादन के बाद सब्जी उत्पादन को बढ़वा देंगे। इसके लिए ग्रामीणों को बीज वितरण किया जाएगा, जिस पर करीब 1 लाख 80 हजार रुपये खर्च होंगे। भोरंज ब्लॉक की 39 पंचायतों में से सात ग्राम पंचायतों जाहू, भलवानी, बडैहर, कक्कड़ धमरोल, पपलाह और धिरड़ पंचायत को वाटरशेड परियोजना में डाला गया है।
पपलाह पंचायत को छोड़कर अन्य छह पंचायतों में बीज वितरण पर 30-30 हजार रुपये खर्च होंगे। इससे करीब 600 के अधिक किसान लाभान्वित होंगे। किसानों को पंचायत स्तर पर मूली, पालक, धनिया, शलजम, मूंगरे व चाइना सरसों के बीज वितरण किए जा रहे हैं।
भलवानी पंचायत प्रधान अमनदीप ने बताया कि भलवानी पंचायत में करीब 100 ग्रामीणों को बीज वितरण किया गया है। इससे ग्रामीण खाली पड़ी भूमि पर बीजों की बिजाई करने लगे हैं। इसी तरह अन्य पंचायतों में भी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीणों को बीज देना शुरू कर दिया है। इससे ग्रामीण अपनी खाली भूमि पर स्वयं उपभोग के लिए सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देंगे तथा अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगे।
वाटरशेड परियोजना खंड भोरंज कनिष्ठ अभियंता अनुराधा कंवर ने बताया कि पंचायत स्तर पर बीज वितरण का कार्य शुरू हो गया है। ग्रामीणों को सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए करीब 1 लाख 80 हजार रुपये के बीज बांटे जा रहे हैं। इससे सब्जी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।