बड़सर (हमीरपुर)। समय सुबह 11:00 बजे। स्थान : बड़सर बाजार। उस्ताद जी बस आगे करो, पीछे जाम लग रहा है। अब कहां बस लगाऊं, यहां पर कहां बस स्टैंड है, जहां बस पार्क करूं। यह बहसबाजी नहीं बल्कि चालकों-परिचालकों में यहां रूटीन में होने वाला तीखा संवाद है। कारण है बड़सर में जमीन दान दिए जाने के पांच वर्ष बाद भी बस अड्डे का निर्माण न होना। वर्ष 2020 में लोगों ने करीब 24 कनाल भूमि बस अड्डे के निर्माण के लिए दान स्वरूप दी थी लेकिन औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी बस अड्डे का निर्माण नहीं हो पाया है।
मुख्य बाजार मैहरे से एक किलोमीटर दूर जमीन स्थित है। अगर वहां पर बस अड्डे का निर्माण हो जाता तो जाम की समस्या का से छुटकारा मिल सकता था। दोनों ओर गाड़ियां खड़ी होने से सड़क तंग हो जाती है। ऊना, हमीरपुर व भोटा के लिए जाने वाली बसें भी मैहरे में ही खड़ी होती हैं। सुबह व शाम को स्कूल की छुट्टी के समय अधिक परेशानी विद्यार्थियों को झेलनी पड़ती है। सुबह करीब 11 बजे हालात यह थे कि आगे बस खड़ी हुई थी और पीछे से ट्रक व छोटे वाहन बस के आगे निकलने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान दूसरी ओर से भी वाहन आने के कारण स्थिति गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ऊना व हमीरपुर के लिए प्रतिदिन यहां से 50 से अधिक बसें निकलती हैं जबकि छोटे वाहनों की कोई संख्या नहीं है। यहां पर कई बार हादसों के घटित होने की आशंका भी बन जाती है। अगर दोनाें ओर गाड़ियां खड़ी हो जाएं तो छोटे वाहनों को पास लेने के लिए भी स्थान नहीं बचता है।
मैहरे बाजार में बसों को खड़ा करने के लिए उचित स्थान न होने के कारण जाम की स्थिति आम बात हो गई है। बस अड्डे के निर्माण के लिए जमीन भी दान स्वरूप लोगों ने दी है लेकिन अभी तक इसे लेकर कोई कवायद शुरू नहीं हो पाई है। प्रशासन को इस ओर कदम उठाने चाहिए।
-रूबल ठाकुर, स्थानीय नागरिक
लोगों ने 24 कनाल भूमि दान स्वरूप भेंट की है मगर अभी तक बस अड्डे के निर्माण को लेकर कोई कवायद शुरू नहीं हो पाई है। पांच वर्ष बाद भी समस्या का समाधान न होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जमीन होने के बाद निर्माण न होना समझ से परे है।
- संजीव कलसी, स्थानीय निवासी
हमने समस्या को देखते हुए जमीन दान की थी, लेकिन जमीन दान देने के बाद सरकार सुविधा उपलब्ध करवाने में नाकाम रही हैं। प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण यह समस्या पैदा हुई है। प्रशासन को चाहिए कि वह सरकार के साथ पत्राचार करे और समस्या का हल करवाए। - विशाल राणा, दानकर्ता
बड़सर में बस अड्डे के निर्माण के लिए लोगों ने जमीन उपलब्ध करवा दी है। इस बारे में औपचारिकताएं पूरी कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है। बजट उपलब्ध करवाने के बाद ही आगामी कवायद शुरू कर दी जाएगी। - अमरजीत सिंह, उपायुक्त, हमीरपुर।