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Hamirpur (Himachal) News: करोड़ों के ऋण आवंटन की सुनवाई में हंगामा, कर्ज न लेने वालों को जारी कर दिए नोटिस

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15 लाख के ऋण नोटिस पर महिला बोली- मैंने नहीं लिया है कर्ज
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जमापूंजी न मिलने पर फूटा लोगों का गुस्सा
प्रशासक की नियुक्ति के बाद विभाग ने बैंक को किया था वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाने के लिए पत्राचार

प्रशासक की नियुक्ति पर हाईकोर्ट से स्टे के बाद सभा और सचिव वित्तीय लेनदेन के लिए अधिकृत

संवाद न्यूज एजेंसी।

अवाहदेवी (हमीरपुर)। दि संगरोह सहकारी सभा में साल 2020-21 में 3.89 करोड़ के ऋण आवंटन की जांच-सुनवाई के दौरान बुधवार को ग्राम पंचायत समीरपुर में खूब हंगामा हुआ। सुनवाई में ऋणियों के साथ जमाकर्ता भी पहुंचे। इन्हें अपना जमा पैसा सभा से नहीं मिल पा रहा है। इस सुनवाई में सभा के सचिव किशोर लाल नहीं पहुंचे। उपप्रधान रमेश ठाकुर, पूर्व प्रधान बृज लाल सुनवाई में मौजूद रहे। इस दौरान यह खुलासा हुआ है कि कई लोगों ने न तो ऋण लिया और न ही गारंटी दी है। बावजूद इसके उनके नाम ऋण के नोटिस जारी हुए हैं।
सुबह 11 बजे जांच सुनवाई शुरू हुई। यहां पर पहुंचे सभा के निवेशकों का कहना है कि सभा की ओर से अब उन्हें जरूरत पड़ने पर पैसा नहीं लौटाया जा रहा है। इस दौरान लोगों की कमेटी और विभाग के अधिकारियों के साथ खूब गहमागहमी हुई। पैसा न मिलने से गुस्साए लोगों ने कहा कि सभा सचिव बैंक से पैसा निकालने में असमर्थता जाहिर कर रहे हैं। इस दौरान ऋण जांच-सुनवाई के दौरान कुछ ऐसे निवेशक भी पहुंचे जिन्होंने ऋण न लिए जाने की बात कही है। एक महिला के नाम पर 15 लाख का ऋण का नोटिस था। महिला ने सुनवाई के लिए पहुंचे अधिकारियों को लिखित में यह जानकारी दी है कि उन्होंने सभा से कोई ऋण नहीं लिया है। इन लोगों का कहना है कि इन्होंने कोई ऋण नहीं लिया जबकि इन्हें लाखों के ऋण का नोटिस दिया गया है। सहकारी सभा हमीरपुर के जिला निरीक्षक जांच अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि 20 से अधिक ऋणियों और गारंटरों ने जांच सुनवाई में हिस्सा लिया है। दो महिलाओं ने ऋण लिए जाने से इंकार किया है जबकि तीन गारंटरों ने ऋण की गांरटी दिए जाने से मना किया है।
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जमापूंजी न मिलने से आक्रोशित हुए लोग

राजमल, जगजीत सिंह, स्नेहलता, मनोरमा गुलेरिया, चंचला देवी, कुलदीप सिंह, पृथ्वी चंद, पुष्पा देवी, लेखराज, गीता देवी, सीमा देवी ने कहा कि उनको सोसायटी की ओर से जमा खातों से पैसा नहीं दिया जा रहा है। कई बार सभा सचिव से पैसा दिए जाने के लिए कहा गया है। सचिव की ओर से यह कहा जा रहा है कि उन्हें बैंक से पैसा निकालने पर विभाग ने रोक लगा रखी है। विभाग की ओर से बैंक को पत्राचार कर उन्हें खाते से किसी भी निकासी के लिए मनाही की गई है। लोगों का कहना है कि उनके घर शादियां, बच्चों की पढ़ाई और भवन निर्माण के लिए पैसा चाहिए लेकिन जीवनभर की जमापूंजी उन्हें अब नहीं दी जा रही है। सभा में उन्होंने पैसा जमा करवाया है।



चार ऋणों में गारंटर होने से इंकार

गांवा भुआणा निवासी मनोरमा गुलेरिया पत्नी भूप सिंह गुलेरिया ने कहा कि उन्होंने सभा से कोई ऋण नहीं ले रखा है जबकि उन्हें 15 लाख का नोटिस दिया गया है। वहीं, लेखराज निवासी संगरोह ने जांच अधिकारी को लिखित में यह जानकारी दी है कि उन्होंने रीता देवी के ऋण की गारंटी दी है जबकि उन्हें नोटिस में पांच ऋणों में गारंटर दर्शाया गया है। कहा कि उन्होंने लाखों के इन ऋणों के लिए गारंटी नहीं दी है।



सभा के सचिव किशोरी लाल ने कहा कि हाईकोर्ट से दिए गए स्टे की कॉपी सहायक पंजीयक कार्यालय और बैंक को दी गई है लेकिन बैंक से उन्हें पैसा नहीं मिल रहा है। विभाग को बैंक को इस विषय पर निर्देश देने चाहिए ताकि लोगों को उनकी जमापूंजी मिल सके।
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सहकारी सभाएं हमीरपुर के सहायक पंजीयक बीना भाटिया ने कहा कि प्रशासक की नियुक्ति तक सचिव और सभा की ओर से वित्तीय लेनदेन को लेकर बैंक से पत्राचार किया गया था लेकिन कोर्ट से स्टे के बाद अब इन कार्यों के लिए सभा कमेटी ही अधिकृत है। सभा को बैंक से इस विषय पत्राचार करना चाहिए ताकि लोगों को उनका पैसा समय पर मिले।
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