रंगस (हमीरपुर)। आयुष स्वास्थ्य मिशन के तहत अपग्रेड हुए आयुष स्वास्थ्य केंद्रों को स्वास्थ्य एवं वैलनेस का दर्जा तो मिल गया है, लेकिन यहां सुविधाएं अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। अपग्रेडेशन के बाद राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत इन केंद्रों में मरीजों की सुविधा के लिए दवाइयां, स्वास्थ्य उपकरण, रेफ्रिजरेटर और कंप्यूटर जैसी आवश्यक वस्तुएं मुहैया करवाई गई हैं। मगर इन उपकरणों को रखने के लिए पर्याप्त भवनों की कमी के चलते कई स्वास्थ्य उपकरण खराब हो रहे हैं।
हमीरपुर जिले में वर्तमान में 72 आयुष स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिनमें से अधिकतर को अपग्रेड कर स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्र बना दिया गया है। इनमें से अधिकांश केंद्रों में केवल दो या तीन कमरे ही उपलब्ध हैं, जो पर्याप्त नहीं हैं। चिकित्सकों को मरीजों का इलाज करने के साथ-साथ उपकरणों को भी संभालना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अपग्रेडेड आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में न तो कोई सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त किया गया है और न ही लैब तकनीशियन की व्यवस्था है। इसका परिणाम यह है कि आयुष स्वास्थ्य अधिकारी को सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में अतिरिक्त कार्यभार संभालना पड़ रहा है, जिससे मरीजों को डॉक्टर की सलाह के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
जिला आयुष अधिकारी हमीरपुर डॉ. बृजनंदन शर्मा ने कहा कि अपग्रेड हुए अधिकतर आयुष स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्रों में अतिरिक्त कमरों के निर्माण की मांग फील्ड से आ रही है। केंद्रों में योगा हॉल का होना भी आवश्यक है और इस संबंध में विभाग के उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करवा दिया गया है।