बड़सर(हमीरपुर)। सिविल अस्पताल बड़सर में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद पिछले तीन वर्षों से रिक्त है।
स्थायी रेडियोलॉजिस्ट न होने से जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रतिनियुक्ति पर रेडियोलॉजिस्ट भेजे जा रहे हैं। इसमें रेडियोलाॅजिस्ट की ड्यूटी सप्ताह में केवल शनिवार को निर्धारित की गई है। इसके चलते मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए एक महीना बाद की तिथि मिल रही है। ऐसे में पेट दर्द के विकारों के मरीजों को आपात स्थिति में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी लैबों में भटकना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों प्रदीप, राजीव, नरेश, सुदेश, कांता देवी, विक्रम राणा आदि ने कहा कि बड़सर अस्पताल का निर्माण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए किया गया था। 2016-17 के दौरान इस अस्पताल का दर्जा बढ़ाकर इसे सिविल अस्पताल कर दिया गया और इसे 50 बिस्तर का बड़ा अस्पताल बनाया गया।
वहीं, बड़सर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीन तो है, लेकिन टेस्ट करने के लिए अस्पताल के पास कोई स्थाई रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। अस्पताल में अन्य अस्पतालों से प्रतिनियुक्ति पर रेडियोलॉजिस्ट सप्ताह के अंतिम दिन आते हैं। इससे मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, समय पर बारी न आने के कारण महंगे दामों पर निजी लैबों में अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ते हैं।
कोट
हाल ही में ज्वाइन किया है। धीरे-धीरे जो समस्याएं उनके सामने आ रही हैं, उनका समाधान किया जा रहा है। इस विषय में भी जो भी उचित समाधान होगा विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर किया जाएगा, ताकि मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
विक्रम कटोच, बीएमओ, बड़सर