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यूक्रेन मामलाः नहीं हो रही थी कॉल, मैसेज से बता रहे थे हाल

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यूक्रेन से हमीरपुर पहुंची मानसी के नाना और नानी और माता व पिता बेटी के घर आने पर खुशी उसे प्रधानमं? - फोटो : Hamirpur-HP
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यूक्रेन के बार्डर पर पहुंचते ही सबके साथ संपर्क टूट गया। इससे दिल घबरा गया। फोन कॉल नहीं होने पर सभी डरे थे। केवल मैसेज जा रहे थे। रोमानिया एयरपोर्ट पर कनेक्टीविटी हुई। इसके बाद जान में जान आई। कीव से हमारी यूनिवर्सिटी दूर होने पर इतना खतरा नहीं था। भारतीय दूतावास ने सतर्क रहने के साथ दिलासा भी दिया। यह बात हमीरपुर के अणु कलां की मानसी शर्मा ने यूक्रेन से लौटने के बाद कही।
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मानसी ने बताया कि भारत सरकार लोगों को बचाने के लिए जो प्रयास किए वो सराहनीय हैं। इसकी बदौलत वह आज घर पर लौट पाई हैं। मानसी ने बताया कि कीव में हिमाचल के काफी छात्र हैं। अब उनके साथ संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चे मेट्रो स्टेशन की धरातल और बंकरों के नीचे रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास से रोजाना अपडेट और सहयोग मिल रहा था। हिमाचल के करीब 20 बच्चे फंसे हुए थे। मानसी ने बताया कि यूक्रेन के लोगों ने भी उनके साथ अच्छा व्यवहार किया। मानसी के पिता अनिल शर्मा और नीलम ने कहा कि हर वक्त उन्हें बेटी की चिंता सता रही थी। अब घर पहुंचने पर सभी खुश हैं। मानसी के नाना और नानी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद मोदी का धन्यवाद किया।
मानसी पांच साल से यूक्रेन की बेस्टन पार्ट चेनयुती यूनिर्वसिटी में एबीवीएस की पढ़ाई कर रही हैं। उसे यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अभी अंतिम सेमेस्टर की पढ़ाई छोड़ कर घर आना पड़ा है। मानसी शर्मा सोमवार सुबह छह बजे घर पहुंचीं। मानसी ने बताया कि यूक्रेन में हालात बहुत खराब हैं।
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