हमीरपुर। सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में सड़क निर्माण की दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं तकनीकी खामियों और भूमि संबंधी विवादों में उलझ गई हैं।
करोड़ों रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं में एक सड़क का टेंडर जारी होने के बाद रद्द कर दिया गया है, जबकि दूसरी सड़क की एलाइनमेंट बदलने के आरोपों से मामला गरमा गया है। इससे क्षेत्र के दर्जनों परिवारों को सड़क सुविधा के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
लोक निर्माण विभाग के टौणीदेवी मंडल के कक्कड़ उपमंडल के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और नाबार्ड से स्वीकृत इन परियोजनाओं का निर्माण फिलहाल ठप है।
पीएमजीएसवाई के तहत गाहरा-डुखराल वाया लोहारड़ा करीब 4.75 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए 2.23 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन विभाग ने डीपीआर में निर्धारित ग्रेड तकनीकी मानकों के अनुरूप न होने का हवाला देते हुए इसे रद्द कर दिया।
वहीं, वर्ष 2020-21 में विधायक प्राथमिकता के तहत नाबार्ड से स्वीकृत पुआड़-दरली सड़क को लेकर भी विवाद गहरा गया है। आरोप है कि सड़क की मूल एलाइनमेंट बदल दी गई है। ऐसे में भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया है कि यदि डीपीआर में तकनीकी खामियां थीं, तो उसे मंजूरी कैसे मिली और उसी आधार पर टेंडर क्यों जारी किए गए।
चहेतों को फायदा पहुंचाने की सेटिंग : राणा
प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से मिले फंड पर चहेतों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब डीपीआर तैयार हुई और टेंडर जारी हुए, तब विभाग को तकनीकी खामियां क्यों नजर नहीं आईं। उनका आरोप है कि पुआड़-दरली सड़क की लोकेशन बदलकर बिना गिफ्ट डीड सड़क निकालने का प्रयास किया गया। यह लोगों की जमीन हड़पने का प्रयास है। उन्होंने सुजानपुर विश्राम गृह की रेलिंग का निर्माण बिना टेंडर कराने का आरोप लगाते हुए तीनों मामलों की विजिलेंस जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन और एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
एलाइनमेंट में कोई बदलाव नहीं किया : चौहान
लोक निर्माण विभाग मंडल टौणीदेवी के अधिशासी अभियंता रतन चंद चौहान ने कहा कि गाहरा-डुखराल वाया लोहारड़ा सड़क का टेंडर इसलिए रद्द किया गया, क्योंकि निर्धारित ग्रेड के अनुरूप पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी। पहले लोगों ने जमीन देने की सहमति दी थी, लेकिन बाद में असहमति जताई। ऐसे में पीएमजीएसवाई के मानकों के अनुसार टेंडर रद्द करना पड़ा और अब दोबारा भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुआड़ से टिक्करी वाया दरली सड़क का कार्य मौजूदा सड़क एलाइनमेंट के अनुसार किया जा रहा है। यदि कोई घर सड़क से नहीं जुड़ पा रहा है तो पंचायत के माध्यम से भूमि उपलब्ध होने पर वहां भी सड़क बनाई जाएगी। एलाइनमेंट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, विश्राम गृह की रेलिंग का निर्माण भी विभागीय टेंडर प्रक्रिया के तहत ही कराया गया है।