एचआरटीसी के हमीरपुर डिपो में प्रशिक्षु कंडक्टरों को लंबे रूटों पर भेजा रहा है। उन्हें मैनुअल टिकटें थमाई जा रही हैं। इससे कंडक्टरों को भी परेशानी आ रही है और सवारियों को भी परेशान होना पड़ रहा है।
कई सवारियां तो कंडक्टरों के साथ उलझ रही हैं। दूसरे बैच के प्रशिक्षु कंडक्टरों को प्रशिक्षण के लिए बसों के साथ लंबे रूटों पर भेजा जा रहा है।
कंडक्टरों को अभी न तो स्टेशन का पता है और टिकट काटने में भी कंफ्यूज हो रहे हैं। कइयों को बकाया वापस करने में भी कंफ्यूजन हो रही है। बकाया कम वापस होने पर यात्रियों की कंडक्टरों के साथ झड़प हो रही है।
प्रशिक्षु कंडक्टरों के साथ परिचालक न होने से इन्हें बस में सवारियां बिठाने और उतारने में भी दिक्कत हो रही है। इससे बस चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
यात्रियों में नरेश कुमार, विजेंद्र कुमार, सन्नी, विपुल, रोहित कुमार, प्रदीप शर्मा आदि का कहना है कि लंबे रूट पर प्रशिक्षु परिचालकों को भेजना ठीक नहीं है।
इससे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में चालकों बस निकालने में दिक्कत हो रही है। लोगों ने निगम प्रबंधन से मांग की है कि प्रशिक्षु कंडक्टरों को पहले लोकल रूटों पर चलाया जाए। प्रशिक्षित होने के बाद ही इन्हें लंबे रूटों पर भेजा जाए।
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प्रशिक्षु कंडक्टरों को बाहरी राज्यों में नहीं भेजा जा रहा है। पड़ोसी जिले के रूटों पर ही कुछेक को भेजा जा रहा है।
-कुशल कुमार, कार्यकारी आरएम