चिकित्सक बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं सुहानी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टौणी देवी की सुहानी शर्मा ने 500 में से 481 कुल 96.2 फीसदी अंक लेकर प्रदेशभर में चौथा, जबकि जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। सुहानी ने कहा कि उनका सपना चिकित्सक बनकर गरीब लोगों की सेवा करना है। सुहानी शर्मा के पिता सतीश शर्मा किसान, जबकि माता अंजना गृहिणी हैं। परिवार की खराब आर्थिक हालत के बावजूद सुहानी शर्मा ने मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने सफलता का श्रेय अध्यापकों और अभिभावकों को दिया है।
चिकित्सक बनना चाहती हैं वंशिका ठाकुर
पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरेड़ी की वंशिका ठाकुर ने 500 में से 478 कुल 95.6 फीसदी अंक प्राप्त प्रदेश की मेरिट सूची में सातवां और जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वंशिका ठाकुर चिकित्सक बनना चाहती है। वर्तमान में वह नीट की कोचिंग ले रही हैं। वंशिका ठाकुर के पिता संजय कुमार लोकमिंत्र केंद्र चलाते हैं, जबकि मां अरुणा चंदेल गृहिणी हैं। वंशिका ठाकुर ने बताया कि पाठ्यक्रम में कठिन विषयों को सरलता से पढ़कर स्कूल स्तर पर अध्यापकों के सहयोग से यह उपलब्धि प्राप्त की है।
दसवीं में भी ली मेरिट, डॉक्टर बनना है सपना : आकर्षक
पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बदारण के आकर्षक ठाकुर ने 500 में 478 कुल 95.6 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में सातवां और जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से कोचिंग ली और स्कूल स्तर पर शिक्षकों का सहयोग लिया। इसके उपरांत उन्होंने मेरिट सूची में स्थान पाया है। आकर्षक ने कहा कि उनका सपना चिकित्सक बनकर लोगों की सेवा करना है। आकर्षक इससे पूर्व दसवीं कक्षा में भी मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर चुके हैं। आकर्षक ठाकुर के पिता संदीप ठाकुर चिकित्सक, जबकि माता अमिता ठाकुर झलाण पंचायत की प्रधान हैं।
पिता से प्रेरित हो चिकित्सक बनना चाहते हैं नितिन
हिम अकादमी पब्लिक स्कूल हीरानगर के नितिन सयाल ने 500 में से 478 कुल 95.6 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेश में सातवां और जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। नितिन के पिता डॉ. कर्मचंद दिल्ली में सरकारी अस्पताल में बतौर चिकित्सक कार्यरत हैं, जबकि माता अनीता कुमारी गृहिणी हैं। नितिन सयाल का सपना चिकित्सक बनना है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के लिए प्रतिदिन आठ से नौ घंटे पढ़ाई करते थे। परिवार सदस्यों और अध्यापकों का भरपूर सहयोग मिला है।
बहन की मदद से मेरिट में अभिनव, बनना चाहते हैं पायलट
आर्यन पब्लिक स्कूल झंडी के अभिनव कंवल ने 500 में से 478 कुल 95.6 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में सातवां और जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अभिनव का सपना इंडियन एयरफोर्स में पायलट बनना है। अभिनव कंवल के पिता शरण प्रसाद भोटा नगर पंचायत के पूर्व प्रधान और माता सर्वजीत कौर भी भोटा नगर पंचायत की पूर्व प्रधान रह चुकी हैं। अभिनव कंवल ने कहा कि इस उपलब्धि में उनकी दीदी शिल्पा का काफी योगदान रहा है। ऑफलाइन माध्यम से पढ़ाई करके उन्होंने यह उपलब्धि प्राप्त की है।
बच्चों की चिकित्सक बनना चाहती हैं अभिता चंदेल
ब्लू स्टार पब्लिक स्कूल हमीरपुर की अभिता चंदेल ने 500 में से 477 कुल 95.4 फीसदी अंक प्राप्त प्रदेश की मेरिट सूची में आठवां और जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। अभिता चंदेल के पिता नवीन निजी स्कूल में अध्यापक और माता रीता चंदेल भी निजी स्कूल में अध्यापक हैं। अभिता चंदेल वर्तमान में नीट की तैयारी कर रही हैं। भविष्य में वह बच्चों की चिकित्सक बनना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सहयोग और अभिभावकों के मार्गदर्शन में यह उपलब्धि प्राप्त की है।
डिफेंस में जाकर देशसेवा करना चाहती है सोनल
लक्ष्मी मेमोरियल पब्लिक स्कूल भोटी की सोनल ने 500 में से 476 कुल 95.2 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में नौवां और जिले में चौथा स्थान प्राप्त किया है। सोनल का सपना एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण कर डिफेंस में जाकर देशसेवा करना है। सोनल के पिता मोहिंद्र सिंह की मृत्यु हो चुकी है, जबकि माता अनीशा कुमारी गृहिणी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अभिभावकों को दिया है। तीन दिन पूर्व जारी दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में सोनल की छोटी बहन अक्षरा ने मेरिट सूची में प्रदेशभर में चौथा स्थान प्राप्त किया है।
इंजीनियर बनना चाहने हैं शिवांश, रोजाना आठ घंटे की पढ़ाई
पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरेड़ी के शिवांश शर्मा ने 500 में से 475 अंक कुल 95 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में दसवां व जिले में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। शिवांश का सपना इंजीनियर बनना है। शिवांश शर्मा के पिता सोमदत्त निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि माता कश्मीरा देवी गरसाहड़ पंचायत में वार्ड सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के लिए प्र्रतिदिन सात से आठ घंटे ऑनालइन माध्यम और किताबों से पढ़ाई कर यह स्थान प्राप्त किया है।
कोमल ने रोजाना नौ घंटे की पढ़ाई, इंजीनियर बनना है सपना
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ब्याड़ की कोमल कौशल ने 500 में से 475 कुल 95 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में दसवां और जिले में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। कोमल कौशल के पिता रणजीत सिंह बिजली बोर्ड में कार्यरत हैं, जबकि माता कविता गृहिणी हैं। कोमल कौशल का सपना इंजीनियर बनना है। उन्होंने बताया कि वार्षिक परीक्षाओं के दौरान वह आठ से नौ घंटे तक किताबों और कंप्यूटर के माध्यम से पढ़ाई करती थीं।
चिकित्सक बनना चाहती हैं अक्षिमा, दसवीं में भी मेरिट में रहीं
न्यू ब्राइट सन मॉडल सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल बड़सर की अक्षिमा शर्मा ने 500 में से 475 कुल 95 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में दसवां और जिले में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। अक्षिमा शर्मा चिकित्सक बनना चाहती है। अक्षिमा शर्मा के पिता संजीव शर्मा रसायन विज्ञान के प्रवक्ता, जबकि माता टीजीटी साइंस की अध्यापक है। अक्षिमा ने इससे पूर्व दसवीं कक्षा में भी मेरिट सूची में प्रदेशभर में नौवां स्थान प्राप्त किया था।
::::::::::कला संकाय::::::::::::::
रोजाना आठ घंटे पढ़ाई कर पाया मेरिट में स्थान, अधिकारी बनूंगी : ज्योति
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जलाड़ी की ज्योति शर्मा ने 500 में से 479 कुल 95.8 फीसदी अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में तीसरा और जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ज्योति शर्मा का सपना प्रशासनिक अधिकारी बनने का है। ज्योति शर्मा ने पिता रवि शर्मा ठेकेदार, जबकि माता सुमन लता जलाड़ी स्कूल में ही हिंदी की प्रवक्ता हैं। छात्रा ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अध्यापकों और अभिभावकों को दिया है। ज्योति शर्मा ने बताया कि मेरिट में आने के लिए रोजाना सात से आठ घंटे घर पर पढ़ाई करती थी।
आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं दीक्षा कत्थयाल
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चबूतरा की दीक्षा कत्थयाल ने 500 में से 478 कुल 95.6 फीसदी अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में चौथा और जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। दीक्षा कत्थयाल सपना आईएएस अधिकारी बनने का है। दीक्षा के पिता रमेश चंद चबूतरा स्कूल में ही हिंदी के प्रवक्ता, जबकि माता सुनीता देवी गृहिणी हैं। इससे पूर्व भी दीक्षा कत्थयाल वर्ष 2023 में दसवीं कक्षा की मेरिट में आ चुकी हैं। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि पर अपने माता-पिता, अध्यापकों का धन्यवाद किया है।
शिक्षक बनना चाहती हूंं, रोजाना आठ घंटे पढ़ी : कृतिका
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाहनवीं की कृतिका शर्मा ने 500 में से 474 कुल 94.8 फीसदी अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में आठवां, जबकि जिला में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। कृतिका शर्मा ने बताया कि उनका सपना अध्यापिका बनना है। परीक्षाओं के लिए सात से आठ घंटे पढ़ाई की। इसके बाद यह उपलब्धि प्राप्त की है। कृतिका शर्मा के पिता अनिल कुमार निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि माता ऊषा रानी गृहिणी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अध्यापकों एवं अभिभावकों को दिया है।
आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं किरण बाला
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नादौन की किरण बाला ने 500 में से 474 कुल 94.8 फीसदी अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में आठवां, जबकि जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। किरण बाला आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। किरण बाला के पिता अवतार सिंह किसान जबकि माता आशा रानी गृहिणी हैं। किरण ने बताया कि वह प्रतिदिन पांच घंटे पढ़ाई करती हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अध्यापकों और अभिभावकों को दिया है।
आईएएस अधिकारी बनना है पायल का सपना
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोट की पायल रांगड़ा ने 500 में से 473 कुल 94.6 फीसदी अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में नौवां, जबकि जिले में चौथा स्थान प्राप्त किया है। पायल रांगड़ा के पिता विपिन कुमार की मृत्यु हो गई है, जबकि माता रोजी देवी आशा कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने मोबाइल और किताबों दोनों से पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल प्राप्त किया है। उनका सपना आईएएस अधिकारी बनना है।
आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं गिरिजा शेखर शर्मा
पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोटा की गिरिजा शेखर शर्मा ने 500 में से 473 कुल 94.6 फीसदी अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में नौवां, जबकि जिला में चौथा स्थान प्राप्त किया है। गिरिजा शेखर शर्मा के पिता चंद्रशेखर व्यवसायी और माता शीला शर्मा गृ़हिणी हैं। गिरिजा शेखर ने बताया कि वह आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। गिरिजा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने स्कूल अध्यापकों, माता-पिता और परिवार के सदस्यों को दिया है।
पिता ऑटो चलाते हैं, आईपीएस अधिकारी बनूंगी : शायना
राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कांगू की शायना ने 500 में से 472 कुल 94.4 फीसदी अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में दसवां, जबकि जिले में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। शायना का सपना आईपीएस अधिकारी बनना है। शायना के पिता अश्वनी ऑटो चालक हैं, जबकि माता गृहिणी है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अभिभावकों और परिवार के सदस्यों को दिया है। शायना ने बताया कि मोबाइल के से दूरी बनाकर प्रतिदिन सात से आठ घंटे पढ़ाई कर यह स्थान प्राप्त किया है।
कोमल कौशल, 95 फीसदी अंक, विज्ञान संकाय।
कोमल कौशल, 95 फीसदी अंक, विज्ञान संकाय।
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