हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए आए मरीजों की उमड़ी भीड़।
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में ओपीडी कमरों के बाहर टोकन डिस्प्ले न होने से मरीजों की भीड़ लग रही है। इससे एक तो कोविड-19 प्रोटोकाल का उल्लंघन हो रहा है, दूसरा अपनी बारी पहले आने के चक्कर में मरीज आपस में बहस करते हैं। कई ओपीडी के बाहर तो कतार लगने के लिए जगह है, लेकिन ऑर्थो, हृदय रोग, सर्जरी, ईएनटी, आई ओपीडी के बाहर कतार लगने के लिए जगह नहीं है और यहां मरीज भीड़ में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। ऐसी भीड़ से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के बाहर पूर्व में लगी टोकन डिस्प्ले मशीनें खराब पड़ी हुई है। ऐसे में ओपीडी में प्रवेश पाने के लिए कई बार मरीज आपस में बहस करने लग पड़ते हैं। अगर टोकन डिस्प्ले मशीनें ठीक हो तो मरीज अपनी बारी का इंतजार करते हैं। ऐसे में ओपीडी के बाहर भीड़ भी नहीं रहती है। डिस्प्ले पर आने वाले टोकन नंबर वाले मरीज ही ओपीडी के पास दिखते हैं, जबकि शेष बेंचों या बाहर बैठकर इंतजार करते हैं। महज गायनी ओपीडी में ही कर्मचारी महिलाओं की पर्चियां लेकर उन्हें उनके नंबर के आधार पर ओपीडी में भेजते हैं।
शेष ओपीडी के बाहर मरीज अपनी मर्जी से भीड़ या कतार में खड़े होते हैं, जो पहले इलाज करवाने के चक्कर में कई बार एक दूसरे से उलझ जाते हैं। ओपीडी के बाहर उमड़ने वाली इस भीड़ से सबसे अधिक परेशानी सीनियर सिटीजन को होती है। हालांकि, इन्हें पहले इलाज की सुविधा है, लेकिन यह लोग भीड़ से ही ओपीडी तक नहीं पहुंच पाते हैं। लोगों एवं वरिष्ठ नागरिकों वेद प्रकाश, अमित शर्मा, शशि कुमार, डिंपल, विशाल पटियाल ने टोकन डिस्प्ले ठीक करवाकर इनके आधार पर प्रवेश देने की मांग की है। एमएस डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि ओपीडी के बाहर भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए सुरक्षा कर्मी होता है, जबकि ओपीडी में प्रवेश के लिए एक-एक अन्य कर्मचारी पर्ची के आधार पर प्रवेश करवाने के लिए तैनात रहता है।