हमीरपुर। साहब सचिव जी दूसरी पंचायत में गए हैं, आप कल आना। जिले में आजकल हर दूसरी पंचायत घर में काम करवाने पहुंच रहे लोगों को यही वाक्य सुनने को मिल रहे हैं। सचिवों के रिक्त पद भरने के बजाय सरकार ने उनके पास एक साथ दो से तीन पंचायतों का कार्यभार दे दिया है।
ऐसे में ग्रामीणों को एक प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कई हफ्तों का इंतजार का करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि पंचायतों में प्रमाणपत्र, परिवार नकल, रिकॉर्ड संबंधी कार्य और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए आने वाले लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कुछेक ग्रामीण आठ से 10 किलोमीटर की दूरी तय करके पंचायतों में पहुंचते हैं, लेकिन कार्यालय में उन्हें अगले सप्ताह आने के लिए कहा जाता है।
विकास खंड सुजानपुर के तहत डेरा पंचायत में सचिव का पद तीन वर्षों से रिक्त है। यहां पर चमियाणा पंचायत की सचिव दो दिन कार्यभार संभाल रही हैं। इसके अतिरिक्त बगवाड़ा पंचायत में भी दाड़ी के सचिव को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को सप्ताह में सिर्फ दो दिन कार्य करवाने की सुविधा मिल रही हैं।
वहीं, विकास खंड नादौन की जोलसप्पड़ पंचायत में भी सचिव का पद रिक्त है। पंचायत से एक किलोमीटर दूर रंगस में तैनात सचिव सप्ताह में दो दिन जोलसप्पड़ में आकर कार्य संभालते हैं। आपात स्थिति में सचिव को गेट पर सूचना पत्र लगाकर दूसरी पंचायत में जाना पड़ता है।
ग्राम पंचायत ताल में भी सचिव का पद रिक्त है, यहां पर साहनवीं पंचायत के सचिव को पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार देखना पड़ रहा है। सचिव सप्ताह में दो दिन ताल और चार दिन दूसरी पंचायत में आकर कार्य कर रही हैं, जिससे दोनों पंचायतों के ग्रामीणों को कार्य करवाने में परेशानी हो रही हैं। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद वर्तमान में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं।
पंचायतों के कामकाज की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी और पंचायत सचिवों को सौंपी गई है, लेकिन सचिवों की संख्या कम होने के कारण व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है, जिन पंचायतों में सचिव तैनात नहीं हैं, वहां नजदीकी पंचायतों के सचिवों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जिससे कार्यों में देरी हो रही है।
कोट्स
पंचायत में सचिव का पद रिक्त है। ग्रामीणों को कार्य करवाने के लिए हफ्तों तक इंतजार करना पड़ रहा हैं। पंचायत में स्थाई सचिव की नियुक्ति होनी चाहिए।
-मनोहर लाल मिश्रा, ताल दियोट निवासी
परिवार नकल निकालने के लिए पिछले चार माह से इंतजार करना पड़ रहा है। पंचायत में सचिव का पद भरने में लगातार देरी की जा रही हैं, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
-संजीव, बगवाड़ा निवासी
जिले की 69 पंचायतों में सचिवों के पद खाली हैं। सरकार की ओर से सचिवों को प्रशासक नियुक्त किया गया है और पंचायतों का कार्यभार नजदीकी पंचायतों के सचिव संभाल रहे हैं। सचिवों के रिक्त पदों के बारे में जानकारी पहले ही सरकार को दे गई है।
-बबिता गुलेरिया, जिला पंचायत अधिकारी, हमीरपुर
बगवाड़ा पंचायत में रिक्त सचिव पद के चलते बंद किया गया दरवाजा। संवाद
बगवाड़ा पंचायत में रिक्त सचिव पद के चलते बंद किया गया दरवाजा। संवाद
बगवाड़ा पंचायत में रिक्त सचिव पद के चलते बंद किया गया दरवाजा। संवाद
बगवाड़ा पंचायत में रिक्त सचिव पद के चलते बंद किया गया दरवाजा। संवाद
बगवाड़ा पंचायत में रिक्त सचिव पद के चलते बंद किया गया दरवाजा। संवाद