बिना पंजीकरण के नहीं बेच सकेंगे कफ सिरप
प्रदेश में टीबी के मामलों को कम करने की पहल
एप पर शीघ्र ही किया जाएगा हर मरीज का पंजीकरण
शिमला में प्रारंभिक रूप से शुरू किया है कार्य
सोनम शर्मा
हमीरपुर। प्रदेशभर में मेडिकल स्टोरों से कफ सिरप खरीदने वालों लोगों का शीघ्र ही पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए सभी मेडिकल स्टोरों के संचालकों को स्वास्थ्य विभाग प्रशिक्षण देगा। टीबी मुक्त अभियान के तहत प्रदेशभर में यह योजना चलाई है। इस योजना के तहत गूगल प्ले स्टोर पर एक एप उपलब्ध करवाई गई है। इसमें इन लोगों का पंजीकरण होगा। एक व्यक्ति जब किसी भी मेडिकल स्टोर से कफ सिरप लेता है तो उसका पंजीकरण होगा। बाद में अगर वही व्यक्ति दोबारा से कफ सिरप खरीदता है तो उस पंजीकरण पर यह दिखेगा कि वह दोबारा कफ सिरप ले रहा है। इस एप का नियंत्रण जिले के ड्रग इंस्पेक्टर के पास होगा। जो यह सुनिश्चित करेगा कि अगर कोई व्यक्ति बार-बार कफ सिरप ले रहा है तो उस व्यक्ति तक पहुंचा जाए और उसका टीबी का टेस्ट करना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए ड्रग इंस्पेक्टरों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शुरुआती दौर में यह योजना शिमला में शुरू की गई है। अब पूरे प्रदेश में ही यह योजना शुरू होगी और हर जिले में अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और बाद में यह अधिकारी मेडिकल स्टोरों की एसोसिएशनों व संचालकों को यह प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करेंगे। टीबी सर्विलांस नाम से यह एप है। इसके लिए एक निजी संस्था जपाई से साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है। यह संस्था प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है। इस बारे में जिला हमीरपुर के जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुनील ने कहा कि शीघ्र ही कफ सिरप लेने वाले सभी लोगों का पंजीकरण एप पर होगा। इसके लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे टीबी के मरीजों की पहचान करने व जांच करने में आसानी होगी।