खंड विकास अधिकारी भोरंज कुलवंत सिंह वन अधिकार अधिनियम 2006 के बारे में जागरूक करते हुए। स्रोत :
जाहू (हमीरपुर)। ब्लॉक भोरंज की चार पंचायतों महल, करहा, खरवाड़ और पट्टा में पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम-2006 के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि खंड विकास अधिकारी कुलवंत सिंह ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि एफआरए 2006 के तहत अनुसूचित जनजाति व अन्य सभी श्रेणी के सदस्य या समुदाय जो 13 दिसंबर 2005 से पहले कम से कम तीन पीढि़यों से प्राथमिक रूप में वन भूमि पर निवास करते आ रहे हैं और अपनी आजीविका की वास्तविक जरूरतों के लिए वन भूमि पर निर्भर हैं, को भूमि का अधिकार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में वन अधिकार अधिनियम राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद पहली जनवरी 2008 से वन अधिकार नियम को लागू किया गया है। इसके लिए जून माह में ग्राम सभा में ऐसे लोग अपने दावे प्रस्तुत करेंगे। इसके लिए वन अधिकार समितियों को दावे लेने के लिए प्राधिकृत किया गया है। ग्राम सभा की ओर से अनुमोदित दावों को उपमंडलीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। सभी पंचायतें लोगों के दावों को लेंगी। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में उपमंडल स्तरीय समिति ग्राम सभा के दावों, नक्शों की समीक्षा करेगी।
अपूर्ण दावों को पुन: ग्राम सभा को वापस किया जाएगा। स्वीकृत दावे जिला स्तरीय समिति को भेजे जाएंगे। अगस्त माह राज्य स्तरीय निगरानी समिति से प्राप्त योग्य दावों को जांच पडताल करके स्वीकृत दावों को वन अधिकार पट्टे जारी किए जाएंगे। जारी किए गए पट्टों का राजस्व विभाग के रिकाॅर्ड में इंद्राज किया जाएगा।