हमीरपुर। गलोड़ क्षेत्र में बेहतर पेयजल सुविधा देने के लिए जल शक्ति विभाग की ओर से 23 करोड़ रुपये की पेयजल योजना का करीब 80 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। मुख्य पाइप लाइन को डालने के साथ-साथ कुछ कार्य ही शेष बचे हैं। इसे एक से दो महीने के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
इससे 65 गांवों के साथ-साथ 83 छोटी बस्तियां लाभान्वित होंगी। दो पंप हाउस का निर्माण किया जा चुका है। वहीं, दस मीटर गहरे करीब दो से तीन कुएं बनाए गए हैं। व्यास नदी से पानी उठाया जाएगा। इसके अलावा नारायण ताल में साढ़े नौ लाख लीटर का जल भंडारण टैंक बनाया जा चुका है।
उपमंडल जल शक्ति विभाग गलोड़ के तहत गर्मियों के दिनों में पानी की कमी हो जाती है। समय के साथ-साथ उपभोक्ताओं की संख्या भी बढ़ी है। इस कारण पुरानी पेयजल योजनाओं पर दबाव बढ़ रहा है। भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए और पेयजल की कमी न रहे, इसके लिए पानी की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है।
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साढ़े पांच करोड़ रुपये बिजली कार्य पर होंगे खर्च
योजना के तहत बिजली के ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। विभिन्न क्षमता के पंप लगाए जा रहे हैं, अन्य बिजली कार्यों पर करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुख्य पाइप लाइन को जल्द ही कनेक्ट किया जाएगा। पानी को जल भंडारण टैंक में पाइपों के माध्यम से भेजा जाएगा। यहीं से गांवों के लोगों को पानी की सप्लाई होगी।
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गलोड़ क्षेत्र में पानी की पहले से बेहतर सुविधा के लिए 23 करोड़ रुपये की योजना पर कार्य चल रहा है। करीब 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। योजना से दस पंचायतें पूर्ण रूप से और दो पंचायतें आंशिक रूप से लाभान्वित होंगी।
-बलदेव सिंह, एसडीओ, जल शक्ति विभाग गलोड़