हिमुडा कॉलोनी के तालाब में मरी हुई मछली।
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हमीरपुर। जिला मुख्यालय के साथ लगती ग्राम पंचायत दड़ूही की हिमुडा कॉलोनी में वन विभाग के तालाब का पानी जहर बन गया है। इसमें मौजूद एक से डेढ़ फीट लंबी मछलियां जहरीले पानी से मरने लगी हैं। इस पानी के जहरीले होने का कारण स्थानीय लोगों के घरों से मिलने वाली सीवरेज की गंदगी है। वीरवार को तालाब में करीब 15 मछलियां मर गईं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को इस बारे में अवगत करवाया। पूर्व में 12 मई को भी तालाब में दर्जनों मछलियां मर चुकी हैं। इसके अलावा इस तालाब का पानी पीकर एक भैंस भी मारी गई है। इसके बाद स्थानीय निवासियों ने जब प्रशासन को अवगत कराया तो टीम ने मौके का दौरा किया, लेकिन उसके बाद कुछ खास कार्रवाई नहीं की।
अब फिर से मछलियां मरने लगी हैं। पूर्व में आई टीम ने मौके पर यह पाया था कि सीवरेज गंदगी तालाब में मिल रही है। महज निरीक्षण और दौरा करने के अलावा कोई ठोस कार्रवाई इस संबंध में नहीं हुई। हिमुडा कॉलानी निवासी एसोसिएशन के प्रधान संसार चंद और सचिव देशराज ने कहा कि प्रशासन दौरा करने के नाम पर महज औपचारिकता कर रहा है। जबकि, इस गंदे जहर युक्त पानी के कारण सैकड़ों मछलियां, जीव जंतु व एक भैंस मर गई है।
बयान
वन विभाग नोटिस जारी कर करेगा कार्रवाई : वंदना
इस संबंध में डीएफओ हमीरपुर एलसी वंदना ने कहा कि विभाग ने बीते मार्च में जल भंडारण योजना के तहत इस तालाब का निर्माण करवाया है। पूर्व में भी यहां मछलियां मरी थीं तो पंचायत प्रधान को सीवरेज गंदगी तालाब में डालने वालों को नोटिस जारी करने के लिए कहा था। अब दोबारा इसकी सूचना मिली है। शाम को ही एक टीम मौके पर भेजी है। जबकि, जो सीवरेज गंदगी इसमें डाली जा रही है, उन घरों के बाशिंदों को विभाग अब अपने स्तर पर नोटिस जारी कर कार्रवाई करेगा।
मौके का करेंगी निरीक्षण : नीतू
जिला मत्स्य अधिकारी नीतू सिंह का कहना है कि पूर्व में जब मछलियां मरी थीं तो रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी है। साथ ही उपायुक्त हमीरपुर को भी अवगत करवा दिया है। शुक्रवार को ही वह मौके का निरीक्षण करेंगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।