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Hamirpur (Himachal) News: पेयजल स्वच्छता की सच्चाई, शहर से गांव तक लापरवाही ही छाई

Sat, 10 Jan 2026 01:23 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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हीरानगर में बने टैंक से पानी ओवरफ्लो होने के बाद स्थिति बदहाल। संवाद
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हमीरपुर/बड़सर (हमीरपुर)। जिले में पेयजल स्वछता की सच्चाई यह है कि शहर से लेकर गांव तक स्टोरेज टैंकों में बदहाली की परछाईं है। जल शक्ति विभाग की लापरवाही से पेयजल व्यवस्था आज उपभोक्ताओं की सेहत के लिए सीधा खतरा बन रही है।
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जिन ओवरहेड टैंकों से लोगों के घरों तक शुद्ध पानी पहुंचना चाहिए, वह टैंक गंदगी से भरे हैं। कहीं पाइपों में जंग लगे है और कहीं जर्जर टैंक टूटने की कगार पर हैं। ओवरहेड टैंकों में सफाई का अभाव, राइजिंग मेन के सल्यूस वाल्व में जमी जंग और मिट्टी, टैंकों में सफाई की तिथि का कहीं कोई उल्लेख न होना और ओवरफ्लो होकर बहता पानी जल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जिले के कई ओवरहेड टैंकों का यही हाल है।
डांगक्वाली सड़क, हीरानगर और मैहरे में बने ओवरहेड टैंक जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली को बयां कर रहे हैं। डांगक्वाली में 4,66,700 लीटर पानी की क्षमता वाले ओवरहेड टैंक में सफाई की पिछली तिथि और सफाई की अगली तिथि का जिक्र नहीं है। इसके धरातल पर झाड़ियां उगी हैं। इनकी कटाई नहीं हुई है। राइजिंग मेन के सल्यूस वाल्व जंग खा चुके हैं। इनमें मिट्टी लगी है। साथ में ओवरहेड टैंक बना है, उसका ढक्कन अधूरा है। इसे मात्र टीन से ढका है। ऐसे में सफाई के अभाव में जलजनित रोगों के फैलने की आशंका है।
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हीरानगर में भंडारण टैंक में लगा शैबाल
हीरानगर में बने ओवरहेड टैंक में पानी ओवरफ्लो होकर नीचे गिरना आम हो गया है। इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि बहते पानी से टैंक की दीवार पर शैबाल लगी है। ओवरफ्लो से पानी के टैंक की दीवारों और नींव को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। इससे संरचना की मजबूती पर खतरा मंडराने लगता है। अंडरग्राउंड पानी के टैंक के ढक्कन भी सही से नहीं चढ़े हैं। ढक्कन में हल्के सुराख बने हैं। इन सुराखों से चूहे, सांप आसानी से टैंक में प्रवेश कर पानी को दूषित कर सकते हैं।

मैहरे में बने ओवरहेड टैंक की सीढ़ियां जर्जर
मैहरे में बने ओवरहेड टैंक की सीढ़ियां जर्जर हो गई हैं। इस टैंक की पानी की क्षमता ढ़ाई लाख लीटर है। सरिये निकले हैं। मरम्मत का अभाव है। धरातल में तो सीढ़ियों की मरम्मत कर दी गई है, लेकिन बाकी का हिस्सा जर्जर अवस्था में है। यह टैंक करीब 20 साल पहले बना था। इस टैंक से मैहरे बाजार के करीब तीन हजार आबादी को पानी उपलब्ध करवाया जाता है।

कोट
पेयजल स्वच्छता को लेकर विभाग पूरी तरह से सक्रिय है। जहां पर टैंकों पर सफाई की तिथि अंकित नहीं है, वहां पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
-नीरज भोगल, अधीक्षण अभियंता, जलशक्ति विभाग, वृत हमीरपुर

हीरानगर में बने टैंक से पानी ओवरफ्लो होने के बाद स्थिति बदहाल। संवाद

हीरानगर में बने टैंक से पानी ओवरफ्लो होने के बाद स्थिति बदहाल। संवाद

हीरानगर में बने टैंक से पानी ओवरफ्लो होने के बाद स्थिति बदहाल। संवाद

हीरानगर में बने टैंक से पानी ओवरफ्लो होने के बाद स्थिति बदहाल। संवाद

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