बांस से बनाया गया साईकिल के आकार का फूलदान। संवाद
हमीरपुर। सुजानपुर निवासी संतोष कुमारी ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भर बनने का सपना सच किया जा सकता है।
बांस और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों से सजावटी सामान बनाने वाली संतोष ने अपने घर से ही व्यवसाय की शुरुआत की और आज न केवल खुद आर्थिक रूप से सशक्त हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दे रही हैं। संतोष ने चार साल पहले घर में ही बांस और प्राकृतिक सामग्रियों से सजावटी सामान बनाने का काम शुरू किया।
शुरुआत में केवल परिवार के लिए सामान बनाती थीं, लेकिन धीरे-धीरे उनकी कला की लोकप्रियता बढ़ी और लोगों ने उन्हें ऑर्डर देना शुरू कर दिया। तो उनका शौक कारोबार बन गया। अब वह हर महीने लगभग 15 से 20 हजार रुपये तक की आमदनी कर रही हैं। यह आमदनी उन्हें न केवल परिवार के खर्चों में मदद कर रही है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और घर के अन्य कामों में भी सहयोग दे रही है।
संतोष के बनाए हुए सामान में बांस से बने फूलदान, लैंपशेड, पेंटिंग के फ्रेम और अन्य सजावटी सामान शामिल हैं। अब सुजानपुर और आसपास के गांवों की महिलाएं उनके नेतृत्व में सजावटी सामान बनाने का हुनर सीख रही हैं। अभी तक वह दो दर्जन से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। महिलाएं बांस से बने उत्पादों को बेचकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार सदस्यों को दिया है।
बांस से बनाया गया साईकिल के आकार का फूलदान। संवाद
बांस से बनाया गया साईकिल के आकार का फूलदान। संवाद