हमीरपुर। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में चढ़ावा गणना में गड़बड़ी के आरोप में निलंबित क्लर्क केशव और लेखाकार गुरूचैन के खिलाफ पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है। अदालत से जमानत मिलने के बाद दोनों आरोपी रिहा हो गए हैं, लेकिन मंदिर ट्रस्ट ने फिलहाल उन्हें निलंबित कर दिया है। पुलिस अब उनकी और उनके परिवार की संपत्तियों की जांच करेगी।
मंदिर में हर साल करोड़ों रुपये का चढ़ावा चढ़ता है और रोजाना का चढ़ावा लाखों रुपये में होता है। जिस दिन गड़बड़ी पकड़ी गई, उस दिन 32 लाख रुपये से अधिक की गणना हुई थी। मामला तब सामने आया जब 500 रुपये के नोट के बंडल में 100 की बजाय 140 नोट पाए गए।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गड़बड़ी पहली बार हुई है या लंबे समय से चल रही है। जांच के तहत आरोपी कर्मियों और उनके परिवारजनों की संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही मंदिर ट्रस्ट से इनके सर्विस रिकार्ड की भी जानकारी ली जा रही है। इसके अलावा, आरोपियों के संपर्कों और चढ़ावे की राशि को एकत्र करने वाले बैंक कर्मियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने तीन से छह माह की सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। डीएसपी बड़सर लालमन शर्मा ने बताया कि आरोपियों के संपत्तियों की जांच भी जाएगी। मंदिर ट्रस्ट से उनके सर्विस रिकार्ड की जानकारी भी ली जा रही है। इसके अलावा आरोपियों के संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। मामले की गहनता से जांच जारी है।
मंदिर प्रशासन और पुलिस इस मामले की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि गड़बड़ी केवल इसी दिन हुई थी या लंबे समय से नियमित तौर पर होती रही।