कांगू (हमीरपुर)। तीन जिलों की सीमा के साथ सटे सिविल अस्पताल नादौन में बीमार बच्चों का उपचार नहीं हो पा रहा है। आपात स्थिति में अस्पताल प्रशासन बच्चों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के साथ दूरदराज के अस्पतालों में रेफर कर रहा है। अस्पताल में पिछले एक वर्ष से शिशु रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। अभिभावकों सुरेश कुमार, नवनीत राणा, प्रदीप कपिल, सुमन राणा, अभिनव, कविता कुमारी आदि ने कहा कि तीन जिलों कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर की सीमा पर स्थित नादौन अस्पताल में प्रतिदिन 450 के करीब ओपीडी है। अस्पताल की रोजाना ओपीडी में दो दर्जन बच्चे होते हैं। अस्पताल में बच्चों का उपचार न होने से खासी दिक्कत हो रही है। छोटे बच्चों को गर्मी के मौसम में दूरदराज के अस्पतालों में ले जाना पड़ रहा है। जिससे उनका स्वास्थ्य और अधिक प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल का दर्जा होने के बाद भी नादौन अस्पताल में मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में रिक्त शिशु रोग विशेषज्ञ का पद भरने की मांग की है।
रिक्त पद के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। निर्देशों के बाद अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ कार्यभार संभालेंगे। अस्पताल में मरीजों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
-डॉ. केके शर्मा, बीएमओ, नादौन