हिमाचल प्रदेश प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट वेलफेयर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल बोर्ड सचिव से मुलाकात
नादौन (हमीरपुर)। हिमाचल प्रदेश प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट वेलफेयर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल प्रदेशाध्यक्ष जगजीत सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा के साथ धर्मशाला में मिला।
मुलाकात के बाद मीडिया को दिए बयान में जगजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि निजी स्कूलों के परीक्षा केंद्रों को बोर्ड ने राहत दी है। उन्होंने बताया कि निजी स्कूल दसवीं तक के परीक्षा केंद्र को जमा दो तक स्तरोन्नत करने के लिए आवेदन करते थे, तो उन्हें इसके लिए अलग से दस हजार रुपये बतौर सिक्योरिटी राशि देनी पड़ती थी।
अब अलग से राशि जमा नहीं करवानी होगी। स्कूली खेलों के संदर्भ में डाइट मनी बढ़ाए जाने के शिक्षा विभाग के निर्णय का संगठन ने विरोध जताया। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण बताया है। उन्होंने बताया कि अंडर-14 वर्ग के बच्चों के लिए 250 रुपये डाइट मनी बहुत अधिक है।
सरकारी स्कूलों के बच्चों की डाइट मनी की व्यवस्था जिला स्तर पर खेल प्राधिकरण द्वारा की जाती है, परंतु निजी स्कूलों को यह पूरा खर्च स्वयं वहन करना पड़ता है जो कि तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि निजी स्कूल का बच्चा राज्य स्तर पर चयनित होता है, तो वह पूरे जिला का प्रतिनिधित्व करता है, परंतु निजी स्कूल के बच्चे से राज्य स्तरीय खेलों के लिए भी पूरा खर्चा विभाग लेता है जो कि सही नहीं है।
खंड और जिला स्तर पर स्कूलों के विजेता और उपविजेता होने पर एक वर्ष बाद उसकी ट्राॅफी भी वापस ले ली जाती है। उन्होंने सरकार तथा विभाग से इन निर्णयों पर फिर से विचार करने की मांग की है।